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जानें किन वजहों से महिलाओं के शरीर में बढ़ता है एस्ट्रोजन हॉर्मोन जो बनता है Irregular Periods की वजह

महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का स्तर बढ़ना अच्छा नहीं होता है। इससे पीरियड्स सहित कई समस्याओं का सामान करना पड़ता है। चलिए जानते हैं यह हॉर्मोन किन वजह से बढ़ता है।

एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ने के कारण- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ने के कारण

आजकल महिलाओं को अनियमित पीरियड (Irregular Periods ) का बहुत ज़्यादा समाना करना पड़ता है। पिछले कुछ सालों में महिलाओं में पीरियड इर्रेगुलर होने की समस्या तेजी से बढ़ी है। बता दें अनियमित पीरियड की सबसे बड़ी वजह महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का बढ़ना है। यह हॉर्मोन पुरुषों में ज़्यादा होता है लेकिन जब महिलाओं में यह बढ़ता है तो इस वजह से पीरियड की समस्या शुरू होती है। चलिए जानते हैं महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन किन वजहों से बढ़ता है?

एस्ट्रोजन के बढ़ने के लक्षण:

  • अनियमित या बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग वाले पीरियड्स

  • स्तनों में सूजन आना 

  • मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और चिंता

  • वजन बढ़ना, खासकर कूल्हों और जांघों पर

  • थकान और सिरदर्द

  • नींद न आना

  • पेट फूलना

  • मोटापा

  • हेयर फाल होना 

  • शरीर पर बहुत ज़्यादा बाल आना 

इन वजहों से बढ़ता है एस्ट्रोजन:

  • मोटापा: महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन बढ़ने के पीछे सबसे मुख्य वजह मोटापा है। मोटापा बढ़ाने से एस्ट्रोजन हॉर्मोन का उत्पादन बढ़ाता है। मोटापा शरीर में एस्ट्रोजन को तोड़ने और बाहर निकालने की प्रक्रिया को भी धीमा कर देता है, जिससे एस्ट्रोजन का स्तर ऊंचा बना रहता है।

  • खराब खान-पान: प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और चीनी का अधिक सेवन शरीर में सूजन (inflammation) को बढ़ाता है, जो हॉर्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है।शराब का सेवन करने से लीवर पर दबाव पड़ता है, जिससे शरीर एस्ट्रोजन को ठीक से मेटाबॉलाइज़ नहीं कर पाता है।

  • तनाव और नींद: अगर आप बहुत ज़्यादा तनाव लेते हैं तो इस वजह कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है जिस वजह से शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। तनाव लेने से नींद नहीं आती है जिस वजह से हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है।

  • हॉर्मोनल दवाएं: कुछ बर्थ कंट्रोल पिल्स या हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ा सकती हैं।

अगर आप इन लक्षणों का अनुभव कर रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। डॉक्टर सही कारण का पता लगाकर उचित इलाज या जीवनशैली में बदलाव का सुझाव दे सकते हैं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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