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मानसून में ट्रिगर कर सकता है अस्थमा, डॉक्टर ने बताया सांस के मरीज को किन बातों का ख्याल रखना चाहिए

​मानसून में अस्थमा के मरीज की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं। मौसम में ठंडक और नमी से अस्थमा के लक्षण और बिगड़ सकते हैं। डॉक्टर ने बताया अस्थमा के रोगियों को किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

मानसून में अस्थमा के मरीज क्या ध्यान रखें- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV मानसून में अस्थमा के मरीज क्या ध्यान रखें

मानसून में गर्मी से राहत तो मिल जाती हैं लेकिन नमी और ठंडक कई बीमारियों को भी ट्रिगर करती है। खासतौर से अस्थमा के मरीजों के लिए यह मौसम परेशानियां बढ़ा सकता है। इस मौसम में बढ़ी हुई नमी, फफूंद का बढ़ना और वायरल संक्रमण सांस लेने में कठिनाई पैदा कर सकते हैं। इसलिए अस्थमा के मरीज को मानसून में कुछ खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टर भुमेश त्यागी ने बताया अस्थमा के मरीज को किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। 

मानसून में अस्थमा के मरीज क्या ध्यान रखें

घर में रहें- इस मौसम में जितना हो सके घर के अंदर ही रहें। बारिश और आंधी-तूफान के वक्त लक्षण न बढ़ें इसलिए इसका विशेष ख्याल रखें। अगर एसी का इस्तेमाल करते हैं तो फ्लैप को इस तरह रखें कि ठंडी हवा सीधे आपके चेहरे पर न पड़े। इससे परेशानी हो सकती है।

मास्क पहनें- घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर पहनें। इससे फफूंद के बीजाणुओं, धूल, पराग और दूसरे एलर्जी वाले कारकों से के संपर्क में आने का खतरा कम होता है, जो बरसात के मौसम में अधिक आम होते हैं।

घर सूखा और फफूंद रहित रखें- फफूंदी और एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों के संपर्क से बचना बेहद जरूरी है। इसके लिए दीवारों, दरवाजों और नमी वाले कोनों को चेक करते रहें। कहीं फंगस जैसी लगे तो उसे तुरंत साफ करें और हवा आने दें। सूखा और साफ घर रखने की कोशिश करें।

घर में नमी कम करें- डीह्यूमिडिफायर का उपयोग करने से घर में पनप रही नमी को कम किया जा सकता है। इससे घर में फफूंद और धूल के कणों के लिए कम अनुकूल हो जाता है। पौधों को घर के अंदर न रखें।

समय पर दवा लें- आपको अपनी दवाएं नियमित रूप से लेते रहना जरूरी है। मीटर्ड-डोज इनहेलर और ड्राई पाउडर इनहेलर आदत नहीं हैं, बल्कि जरूरत है। खासतौर से बरसात के मौसम में, दवा में लापरवाही करना अस्थमा के लक्षणों को बिगाड़ सकता है।

वायरल संक्रमण से बचें- मानसून के दौरान वायरल संक्रमण अस्थमा के दौरे का एक आम कारण होता है। अस्वस्थ लोगों से दूर रहने की कोशिश करें और संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए अच्छी स्वच्छता बनाए रखें।

बहुत ठंडी चीजों से बचें- इस मौसम में ठंडी चीजें जैसेकोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम न खाएं। इससे अस्थमा के लक्षण बढ़ सकते हैं। इस मौसम में हल्की गर्म और ताजा चीजों का ही सेवन करें।

बाहर काम करते वक्त सतर्क रहें- इस मौसम में धूल और पराग जैसे बाहरी एलर्जेन अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं। अगर आप कुछ काम बाहर जाकर करते हैं तो ध्यान रखें अपना मास्क जरूर पहनें।

हेल्दी और संतुलित खाना खाएं- इस मौसम में बीमार पड़ने से बचने के लिए संतुलित और पौष्टिक खाना खाएं। इससे प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और सूजन कम होती है। इससे सांस की समस्याओं में फायदा मिलता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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