1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. युवाओं में बढ़ रहा है क्रॉनिक किडनी रोग, जानिए कैसे होती है ये बीमारी और क्या हैं लक्षण

युवाओं में बढ़ रहा है क्रॉनिक किडनी रोग, जानिए कैसे होती है ये बीमारी और क्या हैं लक्षण

 Published : Jul 08, 2026 03:14 pm IST,  Updated : Jul 08, 2026 03:14 pm IST

खराब लाइफस्टाइल और कुछ आदतों की वजह से युवाओं में किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ने लगी हैं। सीकेडी यानि क्रॉनिक किडनी डिजीज कभी 50 साल के बाद होने वाली बीमारी थी, लेकिन अब 20-30 साल के युवाओं को हो रही है। जानिए इसके कारण और लक्षण क्या हैं?

क्रॉनिक किडनी डिजीज- India TV Hindi
क्रॉनिक किडनी डिजीज Image Source : MAGNIFIC

कभी बुजुर्गों को होने वाली या 50-60 साल के बाद होने वाली क्रॉनिक किडनी डिजीज अब युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रही है। डॉक्टर्स की मानें तो ऐसे काफी केस आ रहे हैं जिनमें कम उम्र में रोगियों के गुर्दे से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। 20, 30 और 40 साल की उम्र के लोगों में आधुनिक जीवनशैली की आदतों, मेटाबॉलिक संबंधी विकारों और जांच में देरी के कारण किडनी की कार्यक्षमता कम हो रही है। क्रॉनिक किडनी रोग की खतरनाक बात ये है कि शरीर में अक्सर ये चुपके से विकसित हो रही होती है। जब इसका पता चलता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

क्रॉनिक किडनी डिजीज के कारण

इसके कई कारण हो सकते हैं। जो धीरे-धीरे गंभीर स्थिति की ओर ले जाते हैं। कम उम्र के युवाओं में गुर्दे की बीमारी अधिक क्यों हो रही है। इसके पीछे कुछ अहम कारण हैं।

डायबिटीज- भारत में तेजी से डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं जिससे ब्लड शुगर अनियंत्रित हो जाता है। इससे किडनी के अंदर की छोटी रक्त वाहिकाओं को धीरे-धीरे नुकसान होता है और किडनी ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती। कम उम्र के लोगों में क्रोनिक किडनी रोग (सीसीडी) का ये एक बड़ा कारण है।

हाई ब्लड प्रेशर- युवाओं में बढ़ा हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी रोग को बढ़ाता है। इससे किडनी की रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है और समय के साथ अनियंत्रित रक्तचाप गुर्दे के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता है और गुर्दे की कार्यक्षमता को कम कर सकता है। 

पानी की कमी- अगर आप कम मात्रा में पानी पीते हैं तो इससे किडनी पर असर पड़ता है। दिनभर में कम मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करने से गुर्दों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर गर्मी के दिनों में या जो लोग बहुत ज्यादा पसीना बहाते हैं। कैफीन की ज्यादा मात्रा भी इसके लिए ठीक नहीं है।

किडनी रोग के अन्य कारण 

  • तनाव 
  • मोटापा 
  • नमक का अधिक सेवन 
  • फिजिकल एक्टिविटी कम
  • नींद की खराब आदतें 
  • मोटापा और चयापचय संबंधी विकार 
  • अधिक वजन भी इसका कारण है
  • प्रोसेस्ड फूड
  • दर्द निवारक गोलियां
  • पानी की कमी

क्रॉनिक किडनी डिजीज के लक्षण

  • लगातार थकान 
  • पैरों या टखनों में सूजन 
  • पेशाब में बदलाव 
  • आंखों के आसपास सूजन 
  • भूख में कमी 
  • मांसपेशियों में ऐंठन 
  • उच्च रक्तचाप 

भले ही ये लक्षण आपको शुरुआत में मामूली लग सकते हैं, इसलिए अक्सर इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Input: https://www.fortishealthcare.com/blogs

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।