कैंसर में दर्द कब होता है, नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे पर डॉक्टर से जानें गंभीर बीमारी में किस स्टेज में होता है Pain
कैंसर एक ऐसी बीमारी जो समय के साथ शरीर को खोखला कर व्यक्ति की जान ले लेती है। इसमें काफी तेज दर्द भी होता है। लेकिन आज जानेंगे कि कैसर में दर्द कब होता है।
कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। ऐसे में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे (National Cancer Awareness Day)मनाया जाता है। कैंसर को लेकर आम लोगों के बीच अलग अलग तरह की धारणाएं हैं, जिनमें सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि कैंसर हमेशा दर्द के साथ ही शुरू होता है। जबकि मेडिकल साइंस के अनुसार कैंसर के शुरुआती स्टेज में अधिकांश मरीजों को कोई दर्द महसूस नहीं होता। दर्द आमतौर पर तब शुरू होता है जब बीमारी आकार में बड़ी हो जाती है,आसपास की नसों पर दबाव डालती है या किसी अंग के काम को प्रभावित करने लगती है। कैंसर का दर्द बीमारी की स्टेज, स्थान और फैलाव पर निर्भर करता है, इसलिए हर कैंसर का दर्द एक जैसा नहीं होता। ऐसे में सफदरजंग के रेजिडेंट डॉक्टर अरुण कुमार से जानेंगे कैंसर नमें दर्द कब होता है।
शुरुआती कैंसर में दर्द क्यों नहीं होता?
कई कैंसर शुरुआती चरण में पूरी तरह साइलेंट रहते हैं। इनमें कोई दर्द महसूस नहीं होता है।
इसके मुख्य कारण
- ट्यूमर छोटा होना
- आसपास की नसों या ऊतकों पर दबाव न पड़ना
- आंतरिक अंगों में स्पेस होना, जिससे तुरंत लक्षण नहीं दिखते
इसी वजह से कई बार कैंसर का पता रुटीन जांच में या किसी दूसरी बीमारी की जांच के दौरान चलता है।
ट्यूमर बढ़ने पर दर्द कैसे होता है?
जैसे-जैसे कैंसर की बीमारी गंभीर होती जाती है, वह आसपास की नसों, मांसपेशियों या हड्डियों को प्रभावित करता है। जिसकी वजह से हर वक्त चुभन या जलन जैसा दर्द महसूस होती है। वहीं ये दर्द रात के वक्त बढ़ जाती है। विशेष रूप से ब्रेन ट्यूमर, पैनक्रिएटिक कैंसर, बोन कैंसर और हेड एंड नेक कैंसर में यह दर्द ज्यादा देखा जाता है। हड्डियों के कैंसर में सबसे ज्यादा दर्द महसूस होता है। वहीं कई बार कैंसर किसी वाहिनी या खोखले अंग को ब्लॉक कर देता है, जिससे काफी तेज दर्द महसूस होता है।
क्या इलाज से जुड़े दर्द भी आम हैं ?
कई बार दर्द कैंसर से नहीं, बल्कि उसके इलाज यानी कीमोथेरेपी, रेडिएशन या सर्जरी से भी होता है। कीमोथेरेपी से नसों में जलन/दर्द होती है। जबकि रेडिएशन से त्वचा में जलन व सूजन होना। सर्जरी के बाद भी दर्द महसूस होता है। हालांकि यह दर्द नियंत्रित और अस्थायी होता है।
अंतिम चरण में दर्द क्यों बढ़ जाता है?
जब बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंचती है, तब कैंसर व्यापक रूप से फैल चुका होता है, जिसकी वजह से हड्डियों या महत्वपूर्ण अंग को नुकसान होता है। लेकिन आधुनिक प्रशामक देखभाल और पेन कंट्रोल टेक्निक से 90% तक मरीजों के दर्द को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।
हर दर्द कैंसर का संकेत नहीं
यह समझना जरूरी है कि हर दर्द का मतलब कैंसर नहीं होता। गैस, एसिडिटी, मांसपेशियों में खिंचाव, इंफेक्शन और कब्ज जैसे सामान्य कारण भी दर्द पैदा कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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