पसलियों में पानी भरना, फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इसमें फेफड़े और छाती की दीवार के बीच में पानी जमा हो जाता है। यह कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है, जिसमें निमोनिया या हृदय, लिवर या किडनी की बीमारी भी हैं। मेडिकल भाषा में इसे प्ल्यूरल इफ्यूजन (pleural effusion in lungs) कहते हैं। इसके अलावा इस बीमारी के कई कारण हो सकते हैं। आइए, जानते है इस बीमारी का कारण और इसके लक्षण
पसलियों में पानी भरने का कारण-Pleural effusion in lungs causes
इस बीमारी में होता ये है कि फेफड़े के ऊपरी सतह पानी को सोख सकती हैं, लेकिन इस बीमारी में फेफड़े पानी सोखने की क्षमता को खो देती है। ऐसे में जब कभी फेफड़े के ऊपरी सतह से पानी ज्यादा जमा हो जाता है और फेफड़ा इसे सोख नहीं पा रहा होता है तो ये फेफड़े और पसलियों के अन्दर पानी इकट्ठा हो जाता है। ये कई कारणों से हो सकता है। जैसे
-टीबी की बीमारी में पसलियों में पानी भर सकता है।
-हार्ट फेल हो जाने के कारण
-सिरोसिस की वजह से
-ओपन हार्ट सर्जरी के बाद
- लंबे समय तक रहने वाली न्यूमोनिया की बीमारी के कारण
-कैंसर के बाद
-किडनी की बीमारी कि वजह से जब शरीर से पानी फिल्टर होना बंद हो जाए
-ऑटोइम्यून बीमारी के कारण।
पसलियों में पानी भरने के लक्षण-Pleural effusion symptoms in hindi
पसलियों में पानी भरने पर रोगियों में कई प्रकार के लक्षण नजर आ सकते हैं। जैसे
-छाती में दर्द
-लगातार रहने वाली सूखी खांसी
-सांस लेने में तकलीफ
-वजन कम होना
-लगातार हल्का बुखार रहना।
बचाव के उपाय-Pleural effusion prevention tips
इस बीमारी से बचने का सबसे आसान तरीका ये है कि पहले को कभी भी भाग कर या तेजी से चल कर तुरंत आने के बाद पानी का सेवन ना करें। साथ ही अगर आपको लंबे समय तक सूखी खांसी है तो इसके ठीक होने का इंतजार ना करें। नहीं तो ये पसलियों में पानी का रूप ले सकता है। इसके अलावा इन तमाम लक्षणों को नजरअंदाज ना करें और समय रहते ही डॉक्टर के पास जा कर टेस्ट करवाएं। आमतौर पर एक्सरे में इसका पता चल जाता है और अगर ये बीमारी हो तो सही समय पर अपना इलाज करवाएं।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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