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गले की खराश, आवाज बैठना या मुंह का न भरने वाला घाव, कहीं यह हेड एंड नेक कैंसर का संकेत तो नहीं?

कैंसर के लक्षणों की जल्दी से जल्दी पहचान ही उसका बेहतर इलाज है। हर साल 27 जुलाई को विश्व हेड एंड नेक कैंसर डे मनाया जाता है, जिससे लोगों को सिर और गर्दन से जुड़े कैंसर के प्रति जागरूक किया जाता है। जानिए इस कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

हेड एंड नेक कैंसर के लक्षण- India TV Hindi
Image Source : MAGNIFIC हेड एंड नेक कैंसर के लक्षण

हर साल 27 जुलाई को विश्व हेड एंड नेक कैंसर डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को सिर और गर्दन से जुड़े कैंसर के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच करके सही इलाज के महत्व को समझाना है। भारत में सिर और गर्दन का कैंसर सबसे आम कैंसरों में से एक है। लेकिन चिंता की बात ये है कि ज्यादातर मरीज जब तक डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तब तक बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। अगर इसके लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए और समय रहते जांच कराई जाए, तो इस कैंसर का सफल इलाज संभव है।

दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल्स के डॉक्टर अक्षत मलिक (सीनियर कंसल्टेंट, हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी) ने बताया कि हेड एंड नेक कैंसर मुंह, जीभ, मसूड़ों, गाल के अंदरूनी हिस्से, होंठ, गले, स्वरयंत्र (वॉयस बॉक्स), नाक, साइनस और लार ग्रंथियों में हो सकता है। इनमें से मुंह और गले का कैंसर भारत में सबसे अधिक देखा जाता है। आइये जानते हैं सिर और गर्दन के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं और इन्हें कैसे पहचान सकते हैं।

हेड एंड नेक कैंसर के लक्षण

  • मुंह में ऐसा घाव जो लंबे समय तक न भरे।
  • आवाज का लगातार बैठना या भारी होना।
  • निगलने में दर्द या कठिनाई।
  • गर्दन में गांठ या सूजन।
  • मुंह खोलने में परेशानी।
  • मुंह से लगातार खून आना या बदबू आना।
  • बिना वजह वजन कम होना।
  • कान में लगातार दर्द, खासकर जब अन्य कारण न हों।

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दो से तीन सप्ताह से अधिक समय तक रहते हैं तो बिना देरी किए डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इन लक्षणों को सामान्य संक्रमण समझकर टालना कई बार खतरनाक साबित हो सकता है।

भारत में हेड एंड नेक कैंसर के सबसे प्रमुख कारण

  • तंबाकू (सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी, पान मसाला आदि) का सेवन।
  • अत्यधिक शराब का सेवन।
  • तंबाकू और शराब का एक साथ सेवन, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
  • ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण, जो विशेष रूप से गले के कुछ कैंसर से जुड़ा है।
  • खराब मौखिक स्वच्छता और लंबे समय तक मुंह की समस्याओं को नजरअंदाज करना।

समय पर पहचान से बच सकती है जान

आज आधुनिक चिकित्सा के कारण हेड एंड नेक कैंसर का इलाज पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी हो गया है। अगर बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए, तो सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसे ट्रीटमेंट से अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। कई मरीज इलाज के बाद सामान्य जीवन जीते हैं और अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां पहले की तरह ही कर पाते हैं।

क्या करें बचाव के लिए?

  • किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन न करें।
  • शराब का सेवन सीमित रखें या पूरी तरह छोड़ दें।
  • मुंह और दांतों की नियमित सफाई करें।
  • हेल्दी खाना खाएं जिसमें ताजा फल और हरी सब्जियां ज्यादा हों।
  • मुंह या गले में कोई भी बदलाव दिखे तो डॉक्टर से जांच कराएं।
  • परिवार में कैंसर का इतिहास है या तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, तो नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।

हेड एंड नेक कैंसर ऐसा रोग है, जिसे काफी हद तक रोका जा सकता है। अगर समय रहते इसके लक्षण पहचान लिए जाते हैं तो इसका सफलतापूर्वक इलाज भी संभव है। दुर्भाग्य से लोग अक्सर शुरुआती लक्षणों को मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं, जिससे इलाज में जटिलताएं पैदा हो जाती हैं। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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