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स्वामी रामदेव ने बताया, अगर डायबिटीज का हैं शिकार, तो किचन में रखे किस मसाले का करें इस्तेमाल?

How to control diabetes: भारत में डायबिटीज के बढ़ते मामले वाकई में चिंता का विषय हैं। आइए स्वामी रामदेव से जानते हैं कि डायबिटीज को मैनेज करने के लिए क्या किया जा सकता है...

डायबिटीज पेशेंट्स के लिए फायदेमंद मसाला- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK डायबिटीज पेशेंट्स के लिए फायदेमंद मसाला

किचन में रखे मसालों का इस्तेमाल सिर्फ खाना बनाने के लिए नहीं किया जाता है। कुछ मसाले आपकी सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपको डायबिटीज है, तो आपको किस तरह से पोषक तत्वों से भरपूर दालचीनी का सेवन करना चाहिए। 'दालचीनी' वाली स्पेशल टी डायबिटीज पेशेंट्स के लिए वरदान साबित हो सकती है। आइए इसके पीछे छिपे कारण के बारे में भी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

डायबिटीज पेशेंट्स के लिए क्यों फायदेमंद दालचीनी- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दालचीनी यानी सिनेमन में ऐसे कंपाउंड होते हैं, जो इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाते हैं। दालचीनी का सेवन करने से बॉडी को शुगर को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिलती है। यही वजह है कि टाइप-2 डायबिटीज में इस मसाले को काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

कैसे करना चाहिए दालचीनी का सेवन- एक छोटी दालचीनी की स्टिक को अच्छी तरह से पानी में उबाल लीजिए। जब सिनेमन बॉइल हो जाए, तब आप इस पानी में नींबू डाल दीजिए। आपकी सेहत वाली चाय सर्व करने के लिए तैयार है। आपको रेगुलरली दालचीनी वाली चाय का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए क्योंकि देश में डायबिटीज अब बड़ी चुनौती बन चुकी है। भारत में करीब 90% मरीज टाइप-2 डायबिटीज के हैं यानी लाइफस्टाइल, खान-पान और इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी बीमारी।

गंभीर और खतरनाक बीमारी- क्या आप जानते हैं कि टाइप-1 डायबिटीज का रूप और भी गंभीर होता है? ये एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यूनिटी ही पैंक्रियाज की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। आजकल तो छोटे-छोटे बच्चों में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डायबिटीज की एक दिलचस्प किस्म भी है जिसे डॉक्टर टाइप-1.5 डायबिटीज यानी 'लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज इन एडल्ट्स' कहते हैं। शुरुआत में ये टाइप-2 जैसी लगती है मगर वक्त के साथ इंसुलिन पर डिपेंडेसी बढ़ जाती है।

गौर करने वाली बात- डायबिटीज के अब 50 से ज्यादा सबटाइप सामने आ चुके हैं। मतलब हर डायबिटीज एक जैसी नहीं, किसी में वजह लाइफस्टाइल है तो किसी में ऑटोइम्यून अटैक, किसी में पैंक्रियाज की खराबी, तो किसी में जेनेटिक बदलाव। आज दुनिया भर में डॉक्टर एक नए कॉन्सेप्ट की बात कर रहे हैं,'प्रिसिजन डायबिटीज' और इसका मतलब ये है कि पहले डायबिटीज की पहचान सही तरह से की जाती है और फिर उसी के मुताबिक इलाज किया जाता है। ऐसा करने से शुगर की पहेली को समझा जा सकता है और वक्त रहते सही कदम उठाकर सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है।

क्या कहती है रिसर्च- जेनेटिक और क्लिनिकल रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि डायबिटीज के 50 से ज्यादा सबटाइप हैं। दालचीनी इंसुलिन रिसेप्टर है। योगगुरु के मुताबिक डायबिटीज पेशेंट्स के लिए दालचीनी एक अचूक नुस्खा साबित हो सकता है। बिना दवाई के ग्लूकोज बैलेंस रखेगा। हालांकि, पहले डायबिटीज का सही टाइप पता करें, टेस्ट के हिसाब से शुगर का इलाज तय करें क्योंकि डायबिटीज में पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट बेहतर साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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