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डिलीवरी के बाद जल्दी रिकवरी और ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में मदद करे सकते हैं ये सुपरफूड्स

सही न्यूट्रिशन और हेल्दी लाइफस्टाइल मां की रिकवरी को बेहतर बनाते हैं और ब्रेस्टफीडिंग जर्नी को अधिक सहज और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए सुपरफूड्स- India TV Hindi
Image Source : MAGNIFIC डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए सुपरफूड्स

ब्रेस्टफीडिंग एक बच्चे के लिए जीतना जरूरी है उससे भी कहीं ज्यादा बड़ी जिम्मेदारी मां के लिए भी हो जाती हैं। इस दौरान मां के शरीर को ज्यादा एनर्जी, बैलेंस्ड न्यूट्रिशन और पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। चंडीगढ़ स्थित कोकून हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट- ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, डॉ. प्रियंका शर्मा, कहती हैं कि मां बनी महिलाओं के लिए सही डाइट इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि यह ब्रेस्ट मिल्क के प्रोडक्शन को सपोर्ट करने के साथ-साथ डिलीवरी के बाद बॉडी की रिकवरी को भी तेज करने में मदद करती है। तो आइए जानते हैं ऐसे सुपरफूड्स के बारे में, जो नेचुरली ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने और नई मां की सेहत बेहतर बनाने में मददगार माने जाते हैं।

ये सुपरफूड्स नेचुरली ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाते हैं 

  • ओट्स: ओट्स को ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने वाले सबसे अच्छे फूड्स में माना जाता है। इनमें आयरन, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं। आयरन डिलीवरी के बाद होने वाली एनीमिया की समस्या से बचाने में मदद करता है, जबकि ओट्स प्रोलैक्टिन हार्मोन के प्रोडक्शन को सपोर्ट करते हैं, जो ब्रेस्ट मिल्क बनने में अहम भूमिका निभाता है।

  • हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी और केल जैसी ग्रीन लीफी वेजिटेबल्स फाइटोएस्ट्रोजेन, कैल्शियम, आयरन और फोलेट से भरपूर होती हैं। ये हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने, मिल्क प्रोड्यूस करने वाली ग्लैंड्स के बेहतर फंक्शन और प्रेग्नेंसी के दौरान हुई न्यूट्रिशन की कमी को पूरा करने में मदद करती हैं।

  • मेवे और बीज: बादाम, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड के अच्छे स्रोत हैं। ये न सिर्फ मां की हेल्थ को बेहतर बनाते हैं, बल्कि ब्रेस्ट मिल्क की न्यूट्रिशनल क्वालिटी भी बढ़ाते हैं। ओमेगा-3 शिशु के ब्रेन और नर्वस सिस्टम के बेहतर डेवलपमेंट में मदद करता है।

  • लहसुन और अदरक: लहसुन और अदरक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और इम्यूनिटी बूस्ट करने वाले गुण होते हैं, जो डिलीवरी के बाद रिकवरी में मदद करते हैं। पारंपरिक तौर पर इन्हें ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने वाले नेचुरल फूड्स के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। माना जाता है कि लहसुन दूध के स्वाद में हल्का बदलाव लाता है, जिससे कुछ शिशु ज्यादा देर तक ब्रेस्टफीडिंग करते हैं।

  • दालें और फलियां: मसूर, मूंग, चना और अन्य दालें प्रोटीन, आयरन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं। डिलीवरी के बाद बॉडी टिश्यू की रिपेयर, नई कोशिकाओं के निर्माण और पर्याप्त ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन के लिए प्रोटीन की जरूरत बढ़ जाती है। इसलिए दालों और लेग्यूम्स को रोजाना की डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

  • साबुत तिल: साबुत तिल कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत हैं। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मां को सामान्य से ज्यादा कैल्शियम की जरूरत होती है, क्योंकि बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए यह जरूरी पोषक तत्व है। तिल का संतुलित सेवन इस जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है)

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