बार-बार होने वाले सिरदर्द या माइग्रेन की शिकायत कई बार विटामिन की कमी से जुड़ी हो सकती है। खासतौर पर विटामिन डी की कमी इस समस्या का एक प्रमुख कारण बन सकती है। यह विटामिन हमारे मस्तिष्क के कार्य, प्रतिरक्षा प्रणाली और न्यूरोट्रांसमीटर के चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब इसका स्तर कम होता है, तो यह कई तरीकों से सिरदर्द को ट्रिगर कर सकता है।
विटामिन डी की कमी और सिरदर्द के बीच संबंध:
विटामिन डी में सूजन-रोधी गुण होते हैं। इसकी कमी से मस्तिष्क में सूजन बढ़ सकती है, जो माइग्रेन के दर्द को बढ़ाती है। मस्तिष्क में कई विटामिन डी रिसेप्टर्स होते हैं। विटामिन डी की कमी न्यूरोट्रांसमीटर के संतुलन को बिगाड़ सकती है, जिससे सिरदर्द की संभावना बढ़ जाती है। शरीर को मैग्नीशियम अवशोषित करने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है। मैग्नीशियम की कमी भी माइग्रेन से जुड़ी है। इसलिए, विटामिन डी का अप्रत्यक्ष रूप से मैग्नीशियम के अवशोषण में बाधा डालकर सिरदर्द के जोखिम को बढ़ा सकता है।
विटामिन डी की कमी होने पर क्या करें?
अगर आपको लगातार सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या है, तो यह विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में आपअपने डॉक्टर से मिलें और विटामिन डी की जांच कराएं। डॉक्टर की सलाह पर आप सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। विटामिन डी का सबसे अच्छा और प्राकृतिक स्रोत सूरज की रोशनी है। सुबह की हल्की धूप में कुछ देर बैठना बहुत फायदेमंद हो सकता है।
डाइट में इन चीजों को करें शामिल:
अपनी डाइट में विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल करें। जैसे सैल्मन, टूना और मैकेरल मछली, दूध और पनीर, अंडे, मशरूम, सोया सीड्स और संतरे का जूस। इन उपायों को अपनाकर आप विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं और सिरदर्द व माइग्रेन की समस्या से राहत पा सकते हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
Latest Health News