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महिलाओं में कैंसर के पहले शरीर में किस तरह के लक्षण दिखते हैं? डॉक्टर से जानें शंका होने पर कौन से टेस्ट कराने चाहिए?

महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अचानक वजन कम होना, लगातार थकान, बिना कारण बुखार, त्वचा पर असामान्य बदलाव या लंबे समय तक रहने वाला दर्द भी कैंसर के संकेत हो सकते हैं।

महिलाओं में कैंसर के शुरुआती लक्षण- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK महिलाओं में कैंसर के शुरुआती लक्षण

महिलाओं में कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के और सामान्य समस्याओं जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय रहते पहचान हो जाए तो इलाज की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। महिलाओं में सबसे आम कैंसरों में ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर और यूटेराइन कैंसर शामिल हैं। आर्ट ऑफ़ हीलिंग कैंसर में ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. मंदीप सिंह मल्होत्रा के अनुसार, इन बीमारियों के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। चलिए जानते हैं वे संकेत कौन से? हैं

कैंसर होने पर दिखते हैं कौन से संकेत?

  • स्तन कैंसर: स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में स्तन या बगल में गांठ महसूस होना, स्तन के आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव या खून आना, तथा त्वचा का सिकुड़ना या लाल होना शामिल हैं। कई बार दर्द नहीं होता, इसलिए केवल दर्द के आधार पर बीमारी को नकारना गलत है। 40 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित जांच करानी चाहिए, और पारिवारिक इतिहास होने पर डॉक्टर की सलाह और भी जरूरी हो जाती है।

  • सर्वाइकल कैंसर: सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती संकेतों में पीरियड्स के बीच रक्तस्राव, संभोग के बाद ब्लीडिंग, दुर्गंधयुक्त या असामान्य योनि स्राव और पेल्विक दर्द शामिल हो सकते हैं। समय-समय पर जांच से इसे शुरुआती चरण में पकड़ा जा सकता है। 21 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को नियमित रूप से पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए।

  • ओवेरियन कैंसर: ओवेरियन कैंसर को “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण सामान्य गैस या पेट की समस्या जैसे लगते हैं। लगातार पेट फूलना, जल्दी पेट भर जाना, भूख कम लगना, पेल्विक या पेट में दर्द, बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस होना इसके संकेत हो सकते हैं। यदि ये लक्षण 2-3 हफ्तों से अधिक बने रहें, तो जांच कराना जरूरी है।

  • यूटेराइन कैंसर: यूटेराइन कैंसर में मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग, बहुत ज्यादा या अनियमित मासिक धर्म, तथा पेल्विक दर्द प्रमुख संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में देरी किए बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

कौन सा टेस्ट कराएं?

शंका होने पर डॉक्टर कई तरह के टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इनमें स्तन की जांच के लिए मैमोग्राफी, अल्ट्रासाउंड और आवश्यकता पड़ने पर बायोप्सी शामिल हैं। सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए पैप स्मीयर और एचपीवी टेस्ट किया जाता है। पेल्विक अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई और ब्लड टेस्ट (जैसे ट्यूमर मार्कर) भी जरूरत के अनुसार कराए जा सकते हैं। सही निदान के लिए बायोप्सी को सबसे विश्वसनीय तरीका माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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