ऑस्टियोपोरोसिस के संकेत: ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की हड्डियां अंदर से खोखली होने लगती है और अपना कैल्शियम खो देती है। ये तब विकसित होती है जब हड्डी के खनिज घनत्व और हड्डी का द्रव्यमान कम हो जाता है या हड्डी की संरचना बदल जाती है। इससे हड्डियों की ताकत में कमी आ सकती है जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जैसे कैल्शियम की कमी, उम्र का बढ़ना और मेनोपॉज। पर ध्यान देने वाली बात ये है कि इस बीमारी में कुछ हड्डियां सबसे ज्यादा प्रभावित रहती हैं। कौन सी हैं ये हड्डियां, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
ऑस्टियोपोरोसिस से कौन सी 3 हड्डियां सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं-Most affected bones by osteoporosis in hindi
1. कूल्हे की हड्डी
ऑस्टियोपोरोसिस को साइलेंट बीमारी कहा जाता है क्योंकि हड्डी टूटने तक आमतौर पर इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं। ऐसे में सबसे पहले इसका लक्षण कूल्हों में नजर आता है। होता ये है कि कूल्हे की हड्डियां शरीर के कुछ बड़ी हड्डियों में आती हैं और जब ये बीमारी शुरू होती है तो कैल्शियम का क्षरण होने लगता है। इससे कूल्हों में दर्द होने लगता है।
2. कलाई
ऑस्टियोपोरोसिस के कारण कलाई की हड्डियों में कैल्शियम का क्षरण शुरू हो जाता है। इससे ये हड्डियां अंदर से कमजोर होने लगती हैं और ये दर्द का कारण बनने लगता है। यहां तक कि कलाई घुमाने-फिराने में भी दिक्कत होने लगती है। ऐसे में अगर आपको लगे कि आपकी कलाइयों में दर्द हो रहा है तो ये ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से हो सकता है।
Image Source : social osteoporosis pain
3. रीढ़ की हड्डी
रीढ़ की हड्डियां कैल्शियम की कमी से पूरी तरह से प्रभावित होती हैं। दरअसल, ये आपकी हड्डियों को अंदर से विकृत करती है जिससे पीठ में तेज दर्द होता है। इसके अलावा आपको झुकने में भी समस्या हो सकती है। इसके बाद ये कमर में दर्द का भी कारण बन सकता है। तो, इस प्रकार शरीर में ऑस्टियोपोरोसिस की शुरुआत होती है।
तो, इन लक्षणों को महसूस करते ही डॉक्टर से बात करें। बाकी की जांच करवाएं पर इन चीजों को नजरअंदाज न करें। इस प्रकार ऑस्टियोपोरोसिस की शुरुआत होती है और ये बाकी हड्डियों तक पहुंच सकती है।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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