हाई कोलेस्ट्रॉल में ओट्स खाना: आजकल दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ती जा रही हैं। धमनियों में फैट के खराब कणों को जमा होना इसके रास्ते को सकड़ा करती है और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करती है। इससे बीपी बढ़ने लगता है और फिर दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए आप ओट्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। दरअसल, ये एक ऐसा अनाज है जो कि कोलेस्ट्रॉल कम करने में तो मदद करता ही है, बल्कि दिल की बीमारियों से भी बचाव में मददगार है। इसके अलावा भी हाई कोलेस्ट्रॉल में ओट्स खाने के फायदे कई हैं। जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
आपका लिवर पित्त का उत्पादन करता है और इसे आपके पित्ताशय में संग्रहीत करता है। इस पित्त में फैट के कण भी शामिल होते हैं। जब आप ओट्स खाते हैं तो इसका बीटा-ग्लूकेन पित्त और फैट के कणों को बांध लेता है और इसे अपने साथ फंसा कर मल के साथ बाहर निकालने में मदद करता है। इस प्रकार से ये कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने से रोकता है।
घुलनशील फाइबर आपके रक्तप्रवाह में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम कर सकता है। प्रतिदिन पांच से 10 ग्राम या अधिक घुलनशील फाइबर आपके एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (LDL cholesterol)को कम करता है। ये धमनियों में फैट के इन कणों को जमा होने से रोकता जिसकी वजह से ब्लॉक का खतरा कम होता है। साथ ही गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने में मदद मिलती है।

जैसे कि हमने बताया कि घुलनशील फाइबर (Soluble fiber) खून में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करता है और इसे गाढ़ा होने नहीं देता। इससे दिल पर प्रेशर नहीं पड़ता और हाई बीपी की समस्या नहीं बढ़ती। इस तरह दिल की बीमारियों से बचाव होता है। तो, इन तमाम कारणों से आपको हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए इस अनाज का सेवन करना चाहिए।
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