हेल्दी रहने के लिए बैलेंस डाइट बेहद जरूरी है। बैलेंस डाइट यानी आपके खाने में दाल, रोटी, चावल, सब्जी और फलों का सही अनुपात। दरअसल, विशेषज्ञों का कहना है कि आपकी थाली में सबसे ज्यादा फाइबर होना चाहिए, फिर प्रोटीन और उसके बाद कार्ब्स। लेकिन, ज्यादातर लोगों की थाली में इसकी कमी होती है और सबसे ज्यादा कार्ब्स और फैट होता है। इससे आपके शरीर को नुकसान होता है और आप गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। जैसे डायबिटीज, बीपी और दूसरी समस्याएं। इन्हीं चीजों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक नई रिपोर्ट बहुत कुछ कहती है। आइए, जानते हैं इस बारे में।
कार्बोहाइड्रेट और फैट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट-WHO guidelines on fats and carbohydrates
कार्बोहाइड्रेट और फैट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस नई रिपोर्ट में बताया गया है कि अच्छी सेहत के लिए मात्रा और गुणवत्ता दोनों जरूरी हैं। डब्ल्यूएचओ की मानें तो
-युवाओं को टोटल फैट का सेवन, कुल कैलोरी का 30% या उससे कम तक सीमित रखना चाहिए। दरअसल, 2 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों द्वारा लिया जाने वाला फैट असंतृप्त फैटी एसिड (unsaturated fatty acids) होनी चाहिए। जैसे मूंगफली, कैनोला ऑयल, बादाम, हेजलनट, कद्दू और तिल।
-आपके शरीर में 10% से ज्यादा संतृप्त फैटी एसिड (saturated fatty acids) से नहीं आना चाहिए। जैसे मक्खन, घी, नारियल तेल, सॉस और पनीर।
- सिर्फ 1% ट्रांस-फैट होना चाहिए। जैसे जो आप तेल मसाले वाली चीजें खाते हैं।
Image Source : socialfat_carbs_who_report
फाइबर का रखें खास ध्यान
फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे साबुत अनाज, सब्जियां, फल और दालों का सेवन ज्यादा करें। साथ ही अपनी डाइट में दाल शामिल करें। इसके अलावा मक्खन, घी और ट्रांस-फैटी एसिड से भरपूर स्नैक्स और डेयरी का सेवन कम करें।
डब्ल्यूएचओ की सिफारिश है कि हर वयस्क को प्रतिदिन कम से कम 400 ग्राम सब्जियां और फल का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा 25 ग्राम रफेज का सेवन करें। इसके अलावा इस नए दिशानिर्देश में आपको शुगर और सोडियम के लेवल का खास ध्यान रखते हुए इसकी मात्रा को कम करने की कोशिश करनी चाहिए।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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