महिलाओं के जीवन में पीरियड्स एक नेचुरल प्रक्रिया है। हर महिला को पीरियड्स के दौरान कुछ न कुछ दर्द होता है, लेकिन कुछ महिलाओं को यह दर्द इतना ज़्यादा होता है कि वे अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ भी नहीं कर पातीं। पीरियड्स में इतना ज़्यादा दर्द क्यों होता है बता रही हैं NIIMS हॉस्पिटल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, डॉ. काजल सिंह।
क्यों कुछ महिलाओं को ज़्यादा दर्द होता है?
पीरियड्स कई बार अत्यधिक दर्द और असहजता लेकर आता है, जिसे मेडिकल भाषा में डिसमेनोरिया कहा जाता है। कुछ महिलाओं को यह दर्द इतना ज़्यादा होता है कि वे अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ भी नहीं कर पातीं। इसका मुख्य कारण शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन नामक केमिकल का अधिक बनना है, जो गर्भाशय की मांसपेशियों को ज़्यादा संकुचित करता है और इससे दर्द बढ़ता है। हॉर्मोनल असंतुलन, गर्भाशय की संरचना में बदलाव, पीसीओडी या एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारियाँ, कम उम्र में शुरू हुए पीरियड्स और मानसिक तनाव भी दर्द को बढ़ाने वाले कारण हैं।
जब गर्भाशय की दीवार सिकुड़ती है, तो रक्त प्रवाह कुछ समय के लिए रुक जाता है जिससे दर्द तेज़ हो जाता है। ऐसे समय में पेट या पीठ पर गर्म सिकाई करना, हल्का व्यायाम या योग करना, कैफीन और जंक फूड से बचना तथा पर्याप्त नींद लेना राहत दे सकता है। अगर दर्द हर महीने बढ़ रहा है या सामान्य से अधिक है, तो डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए, क्योंकि यह किसी गंभीर समस्या जैसे एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉइड का संकेत भी हो सकता है। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और समय पर चिकित्सा सलाह से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
जब दर्द ज़्यादा हो तब क्या करें?
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गर्म सिकाई करें: पेट या पीठ पर गर्म पानी की बोतल या हीट पैड लगाने से राहत मिलती है।
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हल्का व्यायाम करें: योग, प्राणायाम या हल्की वॉक से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द कम होता है।
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कैफीन और जंक फूड से बचें: यह शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और दर्द को बढ़ा सकते हैं। पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें। अगर दर्द बहुत अधिक है या हर महीने बढ़ रहा है, तो गाइनेकोलॉजिस्ट से जांच करवाएँ। कभी-कभी इसके पीछे कोई गंभीर कारण जैसे एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉइड हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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