3. किसी भी समय पंजीकरण करने का अधिकार: किसी भी महिला के सामने ऐसी परिस्थिति आ सकती है जब वह समय पर पंजीकरण नहीं कर पाती। जब भी महिलाओं के साथ ऐसा होता है तो उन्हें अपने घरवालों और समाज का डर, और साथ ही मुजरिम से डर भी लगता है। ऐसी किसी भी परिस्थिति में जब महिला की ओर से देर में पंजीकरण किया जाता है तो कोई भी पुलिस पंजीकरण के लिए मना नहीं कर सकती, चाहे कितनी भी देर हुई हो। क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं का आत्म-सम्मान ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
4. आभासी शिकायतों का अधिकार: दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किए गए दिशा-निदेश के अनुसार महिलाओं को यह विशेष अधिकार मिला हुआ है कि वह बिना पुलिस स्टेशन जाए ऑनलाइन भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। किसी भी कारणवश अगर पीड़ित महिला पुलिस स्टेसन नहीं जा पाती है तो वह लिखित शिकायत को ईमेल के द्वारा पुलिस कमिश्नर को भेज सकती है। उसके बाद जिस क्षेत्र में यह घटना हुई है उस क्षेत्र के SHO को महिला की लिखित शिकायत पास करता है। उसके बाद पुलिस मामले की जांच करती है और पीड़िता का बयान लेने के लिए उसके घर आती है।
अगली स्लाइड में पढ़ें महिलाओं को मिले हैं कौन-कौन से अधिकार
Latest India News