2008 में भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के बाद परमाणु बिजली कार्यक्रम को नई गति मिली। इस समझौते से भारत को परमाणु ईंधन का आयात करने और ईंधन आयात करने वालों के साथ समझौता करने की अनुमति मिल गई।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, परमाणु ईंधन के लिए भारत ने कई समझौते किए हुए हैं :
- फ्रांस की अरेवा के साथ 300 टन यूरेनियम अयस्क कंसंट्रेट के लिए 2008 में समझौता।
- रूस के टीवीईएल कॉरपोरेशन के साथ पांच साल के लिए 2,000 टन यूरेनियम डाईऑक्साइड छर्रे के लिए 2009 में समझौता। 2009 में ही 58 टन संवर्धित यूरेनियम डाईऑक्साइड छर्रे और 2015 में 42 टन संवर्धित यूरेनियम डाईऑक्साइड छर्रे के लिए समझौता।
- कजाकिस्तान की एनएसी कजाटोमप्रोम के साथ छह साल तक 2,100 टन यूरेनियम अयस्क कंसंट्रेट के लिए 2009 में हस्ताक्षर।
- उज्बेकिस्तान की एनएमएमसी के साथ पांच साल तक 2,000 टन यूरेनियम अयस्क कंसंट्रेट के लिए 2013 में हस्ताक्षर।
- कनाडा के कैमिको के साथ छह साल तक 3,000 टन यूरेनियम अयस्क कंसंट्रेट के लिए 2015 में हस्ताक्षर।
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