आखिर श्रीनगर के NIT कैंपस में हुआ क्या था ?
इसका रिएक्शन भी फौरन देखने को मिला। कैंपस के अंदर छात्रों का वो गुट सामने आ गया, जिसने 31 मार्च की रात को भारत की वेस्टइंडीज के हाथों हुई शिकस्त पर खुशी मनाई थी। उन लोगों ने पाकिस्तान के झंडे लहराए और इसी बात पर छात्रों के दोनों गुटों के बीच टकराव शुरू हो गया। बताया जाता है कि पाकिस्तान के झंडे लहराने वालों में कुछ कैंपस के बाहर से आए थे।
इस टकराव के बाद कैंपस में पुलिस बुलाई गई। तनाव इतना बढ़ा कि दो दिन तक NIT को बंद करना पड़ा। हॉस्टल भी खाली करा लिया गया। शुक्रवार, शनिवार और रविवार तीन दिन बंद रहने के बाद सोमवार को एनआईटी खुला तो छात्रों ने कैंपस में धरना दिया। उनके हाथों में पोस्टर थे जिस पर लिखा था- हम यहां सुरक्षित नहीं हैं, कहां है हमारी सुरक्षा, हमें केंद्रीय बलों की तरफ से स्थायी सुरक्षा चाहिए, हमें धमाकना बंद करो। दूसरे पोस्टर पर लिखा था- मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।
इस विवाद को सुलझाने के लिए कल यानी मंगलवार को NIT के डायरेक्टर ने मीटिंग बुलाई। इसमें छात्र भी थे तो हेड ऑफ डिपार्टमेट भी थे लेकिन बैठक में बात बनती न देखकर छात्र गेट की तरफ खड़े मीडिया को अपनी बात कहने निकले यहीं पर बात बिगड़ गई। बात इतनी बिगड़ी कि पुलिस ने लाठियां भांज दी और छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने लगी। आंसू गैस के गोले छोड़े गए पुलिसिया कार्रवाई से देखते ही देखते श्रीनगर के NIT कैंपस के भीतर कोहराम मच गया।
आगे की स्लाइड में देखिए NIT कैंपस में कोहराम का नया वीडियो-
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