भाई सुलेमान से बोला याकूब भाभी और बेटी का ख्याल रखना
बुधवार देर शाम याकूब मेमन की याचिका खारिज होने पर जेल अफसरों ने याकूब को यार्ड से बाहर निकालने का आदेश दिया। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नागपुर जेल के सुप्रीटेंडेंट योगेश देसाई ने मेमन को अपने सामने कुर्सी पर बैठाया। देसाई ने मेमन से उसकी अंतिम इच्छा पूछी। इसी बीच तभी याकूब का भाई सुलेमान भी मुलाकात के लिए जेल परिसर में आया लेकिन उसे इसकी इजाजत नहीं दी गई। याकूब को जब वहां से ले जाया जा रहा था तो उसे उसका भाई सुलेमान दिखा, उसने वहीं पर खड़े होकर ही चिल्लाकर कहा भाभी रहीना और बच्ची जुबैदा का ख्याल रखना। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक संतरी से उसके आखिरी शब्द थे “मेरी मौत तय है। अब कोई चमत्कार ही मुझे बचा सकता है। काश, मैं अपनी बेटी से एक बार मिल पाता।” सूत्रों के मुताबिक फांसी से पहले याकूब मेमन ने अपनी बेटी से बात की थी।
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