भारत की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सीबीआई ने सऊदी अरब से वांछित अपराधी मनाकनदथिल थेक्केथी उर्फ शीला कल्याणी को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में की गई है।
आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
सीबीआई ने इस महत्वपूर्ण प्रत्यावर्तन को विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के सक्रिय सहयोग से इंटरपोल चैनलों के ज़रिए अंजाम दिया। CBI के मुताबिक, शीला कल्याणी पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
5 अक्टूबर 2023 को शीला कल्याणी के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था।
रेड नोटिस जारी होने के बाद सीबीआई ने इंटरपोल और सऊदी अरब के संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बनाए रखा।
इसी तालमेल के परिणामस्वरूप सीबीआई की एक विशेष टीम सऊदी अरब गई और 9 अक्टूबर 2025 को उसे भारत वापस लेकर लौटी।
इंटरपोल और भारतपोल की भूमिका
सीबीआई ने बताया कि इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस दुनियाभर की एजेंसियों को भेजा जाता है, ताकि ऐसे फरार अपराधियों को ट्रैक किया जा सके। भारत में, सीबीआई इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय एजेंसी के रूप में कार्य करती है और यह देश भर की जांच एजेंसियों को एक विशेष प्लेटफॉर्म "भारतपोल" (BHARATPOL) के ज़रिए जोड़ती है।
सीबीआई ने बताया कि पिछले कुछ सालों में 130 से ज्यादा वांछित अपराधियों को इंटरपोल चैनलों के जरिए भारत वापस लाया गया है।
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