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शिकारियों का एनकाउंटर करने वाले वनकर्मियों के खिलाफ FIR, मृतकों के परिजन बोले- 'खोए जानवर ढूंढ़ने गए थे'

पुलिस का कहना है कि मारे गए लोग शिकारी थे और पुलिस पर गोली चलाई थी। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उनकी मौत हुई। हालांकि, मृतकों के परिजनों का कहना है कि मारे गए लोग खोए हुए जानवरों की तलाश में जंगल गए थे।

Encounter- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT एनकाउंटर का विरोध करते परिजन

कर्नाटक के चामराजनगर में जंगल के अंदर शिकारियों का एनकाउंटर करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मारे गए तीनों लोगों के परिवार का दावा है कि वे बेगुनाह थे। वहीं, वन विभाग का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद वे जंगली जानवरों का शिकार करने आए थे। शनिवार, 15 अगस्त की सुबह चामराजनगर के मरियमंगला वन क्षेत्र में तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद, हनूर पुलिस ने हनूर वन रेंज के वन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मारे गए लोगों में से एक की पत्नी की औपचारिक शिकायत के बाद, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वन विभाग का दावा है कि ये लोग संरक्षित क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में शामिल शिकारी थे। वहीं, परिवार और स्थानीय निवासी इस बात का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित निहत्थे किसान और दिहाड़ी मजदूर थे, जो जंगल में केवल अपने खोए हुए मवेशियों को खोजने गए थे। कुछ दिन पहले ही कांग्रेस विधायक ने शिकार की बात कही थी। इस पर जमकर बवाल हुआ था।

गायों को खोजने गए थे मृतक

मरियमंगला गांव के एंथनी सैमी की पत्नी मैरी की शिकायत के अनुसार, घटनाक्रम 14 अगस्त की शाम को शुरू हुआ। उनके पति, 50 वर्षीय एंथनी सामी, 35 वर्षीय सुबास्टिन डेविड कुमार, 43 वर्षीय जॉन रोज पीटर और उनके रिश्तेदार जोसेफ महिमादास के साथ शाम करीब 6:30 बजे जंगल में उन दो गायों को खोजने गए थे, जो चरने के बाद वापस नहीं लौटी थीं। शिकायत में कहा गया है कि असफल खोज के बाद, समूह ने रात करीब 2 बजे जंगल के अंदर लगभग चार किलोमीटर दूर एक बड़े पत्थर के पास आराम करने का फैसला किया।

वन अधिकारियों से बचकर भागने वाले व्यक्ति का बयान

एनकाउंटर से बचकर भाग जाने वाले जोसेफ महिमादास ने एंथनी की पत्नी को फोन करके बताया कि वन विभाग के कर्मचारी रात 3 बजे से सुबह 5 बजे के बीच उनके आराम करने की जगह पर पहुंचे और बिना किसी चेतावनी या उकसावे के अचानक सो रहे लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी। गोलीबारी में एंथनी सामी, सुबास्टिन डेविड कुमार और जॉन रोज पीटर की मौके पर ही मौत हो गई। महिमादास, जो कुछ ही पल पहले शोर सुनकर जाग गए थे। अंधेरे में भागने और ग्रामीणों को सतर्क करने में सफल रहे। अब ग्रामीणों और वन विभाग के विरोधाभासी दावों की पुष्टि करने और उस घटना की सही परिस्थितियों का पता लगाने के लिए एक व्यापक जांच शुरू की गई है, जिसके कारण यह घातक मुठभेड़ हुई।

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