उत्तराखंड सरकार की नई नीति के तहत सिलेबस तैयार करने और उसे पढ़ाने वाले 26 मदरसों को आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्टिफिकेट दिए। इन 26 मदरसों को मिलाकर उत्तराखंड में अब तक 33 मदरसे नई पॉलिसी के तहत मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। जिस प्रोग्राम में आज इन मदरसों को सर्टिफिकेट दिए गए, चूंकि वो एक सरकारी कार्यक्रम था इसलिए राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम को पूरा बजाया गया। यहां आए मदरसा संचालकों ने भी खड़े होकर वंदेमातरम का गायन किया।
मदरसों में साइंस और टेक्नोलॉजी पढ़ाना भी जरूरी- CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मदरसों में साइंस और टेक्नोलॉजी भी पढ़ाना आज के समय की ज़रूरत है वरना बच्चे पिछड़ जाएंगे। सीएम धामी ने कहा कि कुछ विपक्षी दल उनकी सरकार के बारे में कन्फ्यूजन फैलाते हैं, उसे मुस्लिम विरोधी बताते हैं। लेकिन हकीकत ये है कि उनकी सरकार अवैध काम करने वालों के खिलाफ एक्शन लेती है, कानून के मुताबिक चलने वालों के खिलाफ नहीं।
Image Source : x- @pushkardhamiकार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम गाया गया।
उत्तराखंड में मदरसों का रजिस्ट्रेशन जरूरी
दरअसल, इसी साल 1 जुलाई को उत्तराखंड सरकार ने मदरसा शिक्षा बोर्ड को भंग करके अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया। इसके तहत उत्तराखंड में मदरसों का रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इसी अथॉरिटी ने नया सिलेबस बनाया और मदरसों में भी NCERT का सिलेबस लागू किया गया। साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और इंग्लिश की पढ़ाई को अनिवार्य कर दिया।
मदरसा संचालकों ने क्या कहा?
जिन मदरसा संचालकों ने आज सरकार से सर्टिफिकेट लिया, उन्होंने कहा कि पुष्कर धामी की नीति और नीयत साफ है। अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी तो उनका भविष्य बेहतर होगा, इसमें बुरी बात क्या है। मदरसा संचालकों का कहना है कि सरकार का यह कदम शिक्षा के लिहाज से बहुत अच्छा है। सबको बराबर शिक्षा मिल रही है, सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिल रहा है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उनके अपने व्यक्तिगत मामले हैं।
कब तक होगा रजिस्ट्रेशन?
उत्तराखंड में मदरसों के रजिस्ट्रेशन 30 सिंतबर तक होगा। जब मदरसा बोर्ड काम कर रहा था, उस वक्त तक कुल 452 रजिस्टर्ड मदरसे थे लेकिन पिछले दो महीने में नए सिस्टम के तहत सिर्फ 33 मदसरों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। बहुत मदरसा संचालक अभी भी नए सिस्टम का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि मदरसों का काम मजहबी तालीम देना है। सरकार धीरे-धीरे मदरसों का सिलेबस बदलकर इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
वहीं, उत्तराखंड में अब निकाहनामे से दूसरा, तीसरा और चौथा निकाह का कॉलम हटेगा। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए नया निकाहनामा तैयार किया है।
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