मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर में रतनपुरी थाना क्षेत्र के फूलत गांव स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई छठे दिन भी जारी रही। शनिवार शाम 4 बजे तक चली इस कार्रवाई में बुलडोजर और पोकलेन मशीनों से मदरसे की सभी इमारतों और मीनार को गिरा दिया गया। मौके पर रतनपुरी और खतौली पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही।
क्या है पूरा मामला?
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई ग्राम सभा की भूमि पर अवैध निर्माण को लेकर की गई है। राजस्व विभाग की जांच में मदरसे की जमीन को सरकारी जमीन पाया गया था, जिसके बाद 17 अगस्त को इसे सरकारी भूमि घोषित कर दिया गया और निर्माण को अवैध करार दिया गया था। इसी के आधार पर तहसीलदार और एडीएम स्तर की जांच के बाद ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया।
इस मदरसे पर योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर जी महाराज ने हिंदू युवक-युवतियों के धर्मांतरण का आरोप लगाया था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार शिकायत के आधार पर पुलिस ने मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके दो बेटों जुबैर अंसारी और जुनैद अंसारी के खिलाफ बीएनएस की धारा 352/351(2) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 2021 की धारा 3/5(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस दोनों बेटों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई में पिछले 6 दिनों से मदरसा प्रशासन खुद ही पुलिस की निगरानी में अवैध निर्माण को हटा रहा है।
धर्मांतरण का मुद्दा उठाने वाले स्वामी यशवीर जी महाराज ने वीडियो जारी किया
धर्मांतरण का मुद्दा उठाने वाले स्वामी यशवीर जी महाराज ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की है। वीडियो में उन्होंने कहा कि फूलत गांव में स्थित इस मदरसे पर हिंदुओं के धर्मांतरण की शिकायत पर आवाज उठाई गई थी, और अब हो रही कार्रवाई के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया है।

राज्य मंत्री कपिल अग्रवाल का भी सामने आया बयान
धर्मांतरण और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर मदरसे के ऊपर की गई कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल अग्रवाल ने कहा है कि धर्मांतरण और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर थाना रतनपुरी के फूलत गांव में एक मदरसा जो कायदे में शिक्षा का मंदिर होना चाहिए था, उस मंदिर में धर्मांतरण और अवैध अतिक्रमण का लगातार यह मदरसा केंद्र बना हुआ था। लंबे समय से इस मदरसे में कई धर्मांतरण की घटनाएं हुई है। वहां लगातार धर्मांतरण होता रहा। वहां से कुछ बच्चियों और महिलाओं को भी बरामद किया गया। इस मदरसे में योजनाबद्ध तरीके से धर्मांतरण माफिया गिरी चल रही थी। जिला प्रशासन ने पुष्टि के आधार पर दारुल उलूम रहमानिया मदरसे पर ध्वस्तीकरण का कार्य किया है। मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने अपनी कार्यवाही की है। मुझे लगता है कि सामाजिक तौर पर इस तरह की जो गतिविधियां थी, कानून की दृष्टि से और कानून के अंतर्गत एक बढ़िया कार्यवाही इस मदरसे पर हुई है।
इससे पहले संभल में ईदगाह और मस्जिद पर बुलडोजर चला था और 10.5 बीघा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाया गया था। (रिपोर्ट- योगेश त्यागी)
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