रेप के केस में दोषी ठहराए गए 'तहलका' के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल ने आज गोवा की कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत ने तरुण तेजपाल को साउथ कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया। हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा सुनाई थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर के लिए वक्त देने की मांग की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी। इसके बाद तरुण तेजपाल के पास सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं था। हालांकि आज जेल जाने से पहले तरुण तेजपाल ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्हें उम्मीद है कि इंसाफ जरूर मिलेगा।
तरुण तेजपाल ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। अब उनकी पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर को सुनवाई करेगा। वहीं, इससे पहले यौन हिंसा मामले में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद तेजपाल ने कहा कि वह राजनीतिक साजिश का शिकार हैं और उनकी बेगुनाही के लिए काफी सबूत मौजूद हैं।
सजा से सरेंडर तक, देखें पूरी टाइमलाइन
- 7-8 नवंबर 2013- लिफ्ट में महिला पत्रकार का यौन शोषण
- 18 नवंबर 2013- महिला पत्रकार ने की तहलका मैनेजमेंट से शिकायत
- 20 नवंबर 2013- तरुण तेजपाल का एडिटर-इन-चीफ पद से इस्तीफा
- 21 नवंबर 2013- गोवा पुलिस ने खुद संज्ञान लेकर FIR की
- 30 नवंबर 2013- गोवा पुलिस ने तरुण तेजपाल को गिरफ्तार किया
- जुलाई 2014- बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने जमानत दी
- 21 मई 2021- ट्रायल कोर्ट से सबूतों के अभाव में बरी
- मई 2021- गोवा सरकार ने फैसले को HC में चुनौती दी
- 6 अगस्त 2026- HC ने तरुण तेजपाल को सुनाई 10 साल की सज़ा
- 14 सितंबर 2026- गोवा की कोर्ट में तरुण तेजपाल का सरेंडर
- 22 सितंबर 2026 - सुप्रीम कोर्ट में तरुण तेजपाल की याचिका पर सुनवाई, तेजपाल ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।
तेजपाल को उम्रकैद की सजा दी जाए- गोवा सरकार
सुप्रीम कोर्ट के सामने एक तरफ तरुण तेजपाल की अपील है जहां उन्होंने हाई कोर्ट की 10 साल की सजा को चुनौती दी है। दूसरी तरफ, गोवा सरकार की अपील है जिसमें कहा गया कि हाई कोर्ट की सुनाई गई सजा तेजपाल द्वारा किए गए अपराधों की प्रकृति और गंभीरता के हिसाब से बहुत कम है। तरुण तेजपाल अपनी सजा को खारिज करने की मांग कर रहे हैं और गोवा सरकार का कहना है कि तेजपाल की सजा को बढ़ाया जाए, उन्हें कम से कम उम्रकैद की सजा दी जाए।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि साल 2013 में तरुण तेजपाल के साथ काम करने वाली एक युवती ने उन पर गोवा के एक फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में रेप का आरोप लगाया था। 30 नवंबर 2013 को तरुण तेजपाल को अरेस्ट किया गया था। इससे पहले उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अपील भी की थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें कोई राहत देने से इनकार कर दिया था। गोवा सेशन कोर्ट ने साढ़े सात साल बाद 2021 में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
यह भी पढ़ें-
"बेटी गुस्से में पिता पर रेप का आरोप लगाए, यह कल्पना करना भी कठिन", बॉम्बे हाई कोर्ट ने लगाई उम्रकैद पर मुहर
Latest India News