अहमदाबाद: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने बुधवार सुबह गुजरात के गांधीनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध महुडी जैन मंदिर में परिवार के साथ पहुंचकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अडानी, बड़े बेटे करण अडानी और बहू परिधि अडानी भी मौजूद थीं। यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब जैन समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक पर्यूषण महापर्व शुरू होने वाला है। श्वेतांबर जैन परंपरा में इस साल पर्यूषण 8 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर को संवत्सरी, यानी क्षमावाणी और क्षमा मांगने के पर्व के साथ समाप्त होगा।
सेवा और आध्यात्मिकता से जुड़ा है महुडी का दौरा
गौतम अडानी के लिए महुडी की यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। दूसरों की निस्वार्थ सेवा करना ही सबसे बड़ी साधना है की सोच उनके सामाजिक कार्यों में दिखाई देती है। अडानी फाउंडेशन, जो अडानी ग्रुप की सामाजिक कल्याण और विकास संस्था है, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में काम करती है। फाउंडेशन की विभिन्न पहलों से देशभर में लाखों लोगों तक मदद और विकास के अवसर पहुंचने की बात कंपनी की ओर से कही गई है।
Image Source : Reporter Inputपरिवार के साथ जैन मंदिर परिसर में गौतम अडानी।
महुडी क्यों है जैन धर्म में खास?
महुडी को ऐतिहासिक रूप से मधुपुरी के नाम से भी जाना जाता है। यह श्वेतांबर जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यहां जैन धर्म के सभी 24 तीर्थंकरों को समर्पित मंदिर हैं। महुडी में श्री घंटाकर्ण महावीर का अलग मंदिर भी है। जैन परंपरा में उन्हें धर्म के रक्षक और संरक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है। तीर्थंकरों से अलग, घंटाकर्ण महावीर को एक रक्षक देवता माना जाता है। श्रद्धालु कठिन समय में शक्ति पाने और बाधाओं को दूर करने की कामना से उनकी पूजा करते हैं।
अमेरिकी केस में भी आया अहम घटनाक्रम
गौतम अडानी का महुडी दौरा अमेरिका के न्याय विभाग (DoJ) की कार्रवाई से जुड़े हालिया घटनाक्रम के कुछ दिनों बाद हुआ है। DoJ की कार्यवाही में गौतम अडानी, उनके भतीजे और अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडानी और अन्य लोगों को शामिल किया गया था। कंपनी के मुताबिक, इस मामले में 10 अगस्त को अभियोग को ‘with prejudice’ यानी दोबारा उसी आधार पर मामला लाने की गुंजाइश खत्म करते हुए खारिज कर दिया गया।
8 से 15 सितंबर तक होगा पर्यूषण महापर्व
श्वेतांबर जैन परंपरा में पर्यूषण महापर्व 8 दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान प्रार्थना, उपवास, आत्मसंयम और आत्मचिंतन पर विशेष जोर दिया जाता है। इस पर्व का समापन 15 सितंबर को संवत्सरी के दिन होता है। इसे क्षमा और आत्ममंथन का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन जैन धर्मावलंबी अपने व्यवहार और कर्मों पर विचार करते हैं, सभी जीवों से क्षमा मांगते हैं और दूसरों को भी क्षमा करते हैं। इसका उद्देश्य पुरानी शिकायतों और मनमुटाव को छोड़कर क्षमा, शांति और सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाना है।
तरंगा हिल्स भी जा चुके हैं अडानी दंपति
महुडी यात्रा से पहले गौतम अडानी और डॉ. प्रीति अडानी इस साल उत्तर गुजरात के तरंगा हिल्स स्थित श्री अजितनाथ भगवान श्वेतांबर जैन देरासर भी गए थे। वहां उन्होंने अक्षय तृतीया के अवसर पर पूजा-अर्चना की थी। महुडी में अडानी परिवार ने एक साथ प्रार्थना, आभार और आत्मचिंतन का समय बिताया। इस दौरान आस्था, विनम्रता, करुणा, सेवा और क्षमा की भावना प्रमुख रही। कंपनी के मुताबिक, यह यात्रा गौतम अडानी के ‘सेवा ही साधना है’ के विचार को भी दर्शाती है।
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