कॉमन एंट्रेंस टेस्ट में जनेऊ की मनाही के बाद उठा बवाल अभी थमा नहीं था कि अब छात्राओं के नथ पहनने से भी परेशानी खड़ी हो गई। हालांकि, छात्राओं को अपनी नथ (Nose Stud) उतारने को नहीं कहा गया, बल्कि उस पर एडहेसिव टेप लगा दिया गया। यह कदम तब उठाया गया जब कई छात्राओं ने परीक्षा केंद्र में नथ पहनकर एंट्री ली।
क्या था नियम?
दरअसल, चिकमगलूर के MES कॉलेज में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट देने आईं कई छात्राएं अपनी नथ के कारण परीक्षा के सख्त नियमों के आड़े आ गईं। CET के आयोजकों ने स्पष्ट किया था कि परीक्षा हॉल में किसी भी तरह की धातु की वस्तु या गहने पहनकर आना मना है। यह नियम सुरक्षा कारणों से लागू किया गया है और यह छात्रों को पहले से सूचित किया गया था। हालांकि, कई छात्राओं के लिए यह नियम एक परेशानी बन गया, क्योंकि वे नथ पहनकर आईं थीं और उन्हें हटाने का विकल्प नहीं दिया गया।
इस बीच, परीक्षा केंद्र के स्टाफ ने छात्राओं के लिए एक अस्थायी समाधान निकाला। गहनों को उतारने की बजाय, छात्राओं की नथ पर बस एडहेसिव टेप लगा दिया गया, जिससे सुरक्षा नियमों का पालन भी हो गया और छात्राओं को परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई।
धातु-मुक्त नीति पहले से थी निर्धारित
कुछ लोग इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह "धातु-मुक्त" नीति पहले से निर्धारित थी, और उन्हें उम्मीद थी कि सभी छात्र इसे जानकर परीक्षा में शामिल होंगे। इसके बावजूद, कई छात्राओं और उनके अभिभावकों ने इस कदम को सहज और समझदारीपूर्ण कदम माना, जबकि कुछ ने इसे लेकर असहमति जताई है।
परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस ने भी कड़ी निगरानी रखी थी, और कॉलेज प्रशासन ने इस प्रक्रिया को बेहद गंभीरता से लागू किया।
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