RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विजयादशमी रैली में उन लोगों को चेतावनी दी जो भारत में रिजीम चेंज की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र मजबूत है, यहां न पहले कभी रिजीम चेंज हुआ, न भविष्य में कभी ऐसा होगा। भागवत ने कहा कि जो लोग रिजीम चेंज की साजिश को नहीं समझते, उन्हें फ्रांस, इटली और अल्बानिया जैसे यूरोपियन देशों की हालत देख लेनी चाहिए, भारत में भी रिजीम चेंज के नाम पर ऐसी ही अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है।
मोहन भागवत के संबोधन से एक बात तो साफ़ है, मोदी विरोधी जो प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उसको लेकर RSS और BJP दोनों की राय एक है। भागवत ने भी प्रशांत भूषण के 'regime change' और नेहा बोरा के बांग्लादेश जैसे आंदोलन की कॉल को अच्छी तरह धोया। मोहन भागवत भी clear हैं कि चुनाव आयोग तो बहाना है, विरोधी दलों का निशाना तो मोदी को हटाना है।
मोहन भागवत की एक और बात मोदी के विरोधियों को काफी चुभेगी। उन्होंने कहा, RSS ने इस साल देशभर में 10 करोड़ परिवारों से जनसंपर्क किया, युवा सम्मेलन किए, 39 लाख से ज़्यादा नौजवानों से सीधा संपर्क किया।
मोदी के विरोध में जितने राजनीतिक दल हैं, जितने वामपंथी संगठन हैं, जितने तथकथित civil society के लोग इकट्ठा हुए हैं, इन सबको मिलाकर भी उनके पास इतनी ताक़त नहीं है कि RSS के संपर्क अभियान का 1% भी direct contact कर सकें।
नशा मुक्ति : क्या पंजाब की जनता अमित शाह का साथ देगी?
गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में उन पीड़ित परिवारों से मुलाकात की जिनकी हत्या नशे के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से कर दी गई थी। अमित शाह गुरदासपुर, संगरूर और मानसा गए। अमित शाह ने मानसा में परविंदर के परिवार को भरोसा दिया कि CBI की टीम बुधवार को मानसा पहुंचेगी और 120 दिन में जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट देगी। सीएम भगवंत मान के इस्तीफे की मांग पर अमित शाह ने कहा कि इसका फैसला जनता करेगी।
अमित शाह ने पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई को चुनाव का मुख्य मुद्दा बना दिया है। पहले उन्होंने पंजाब को नशामुक्त कराने की deadline 31 दिसंबर 2029 दी। फिर नशे के कारोबार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर जिन लोगों ने अपनी जान दे दी, उनके परिवार वालों से मिलकर भगवंत मान को मुश्किल में डाल दिया।
नशे के ख़िलाफ़ एक्शन में राष्ट्रीय स्तर पर अमित शाह का रिकॉर्ड काफी अच्छा है। गुजरात और महाराष्ट्र के ports से 20 हजार करोड़ रुपये की drugs ज़ब्त की गई। NDPS के तहत देशभर में 929 नशे के अपराधी गिरफ़्तार हुए।
आम आदमी पार्टी की मुसीबत ये है कि नशे के मामले में BJP के साथ-साथ अकाली दल और कांग्रेस भी पंजाब सरकार को घेरे हुए है। इस चक्रव्यूह से निकलना भगवंत मान के लिए मुश्किल होगा।
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