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Rajat Sharma's Blog | CBSE: पोर्टल चलाना IRCTC से सीखे

CBSE के चेयरमैन और सचिव की छुट्टी हुई, अच्छा हुआ। इनका गेम तो 3-4 दिन पहले ही ओवर हो गया था पर अगर वो आउट हो जाते तो आज संसदीय कमेटी में बाउंसर कौन झेलता? इसलिए जैसे ही बैठक खत्म हुई, फरमान जारी हो गया क्योंकि CBSE ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

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Image Source : INDIA TV इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

सरकार ने CBSE के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया। CBSE के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को हटा दिया। OSM सिस्टम की टेंडर प्रॉसेस की जांच के लिए कमेटी बना दी। प्रशांत लोखंडे और वरुण भारद्वाज को नया सचिव बनाया गया। अब इस बात की जांच होगी कि OSM सिस्टम लागू करने का फैसला जल्दबाज़ी में क्यों लिया गया? किसने लिया? क्या किसी एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों में बदलाव हुआ था? जिस कंपनी को ये टेंडर दिया गया, क्या उसके बैकग्राउंड की जांच हुई थी? अगर इस कंपनी के खिलाफ पहले से शिकायतें थीं, तो फिर इसे इतनी बड़ी बोर्ड परीक्षा का ठेका क्यों दिया गया?

इन सारे सवालों के जवाब कमेटी खोजेगी और एक महीने के भीतर रिपोर्ट देगी। उसके बाद कार्रवाई होगी। CBSE के चेयरमैन और सचिव की छुट्टी हुई, अच्छा हुआ। इनका गेम तो 3-4 दिन पहले ही ओवर हो गया था पर अगर वो आउट हो जाते तो आज संसदीय कमेटी में बाउंसर कौन झेलता? इसलिए जैसे ही बैठक खत्म हुई, फरमान जारी हो गया क्योंकि CBSE ने कोई कसर नहीं छोड़ी। जल्दबाजी में OSM लागू किया। खराब ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनी को ठेका दिया, कांट्रैक्ट के SOP में बदलाव किए। अब जांच होगी तो पता चलेगा, इसमें किसने कितना माल उड़ाया।

रही बात re-evaluation process में आई गड़बड़ियों की, CBSE का काम इतना मुश्किल नहीं था, जितना उन्होंने शोर मचा दिया। चार लाख छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की copy के लिए आवेदन किया। करीब 11 लाख 32 हजार answer sheets की मांग की गई क्योंकि जिन्हें scan की हुई copy मिल जाती है, वही छात्र re-evaluation के लिए apply कर सकते हैं। ये काम बिना Glitch के हो सकता था। अगर CBSE सारे Parameters को शुरु में जांच लेती, बार-बार portal hang नहीं होता।

IRCTC की वेबसाइट औसतन चार से पांच करोड़ विजिट्स हर रोज हैंडल करती है। ये 3 लाख concurrent users को मैनेज करती है और हर मिनट 32 हजार tickets process करती है। अगर CBSE बोर्ड re-evaluation portal के लिए IRCTC से सीख लेता, तो कोई मुश्किल न होती।

ममता का किला ध्वस्त

ममता बनर्जी को भी अब समझ में आ गया कि ज्यादातर विधायक उनका साथ छोड़ने वाले हैं। बुधवार को 58 विधायकों के दस्तखत के साथ एक पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया जिसमें कहा गया कि ऋतब्रत बनर्जी को प्रतिपक्ष का नेता घोषित किया जाय। ममता बनर्जी ने ऋतब्रत को दो दिन पहले पार्टी से निकाल दिया था। मंगलवार को ममता कोलकाता के धर्मतल्ला में धरने पर बैठी लेकिन उनके साथ सिर्फ 6 विधायक और 5 सांसद ही मौजूद थे। दो विधायक निकालने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में इस वक्त 78 विधायक  और 42 सांसद हैं। आज दिखाई दिया कि ममता बनर्जी कितनी लाचार हैं। कल तक जो सांसद, विधायक ममता से खौफ खाते थे, आज ममता उनके भागने से डरी हुई हैं।

कल तक INDIA ब्लॉक  के जो नेता ममता के आगे सिर झुकाते थे, वो अब उनका फोन नहीं उठा रहे हैं। बंगाल में सेक्युलरिज्म के नाम पर ममता बनर्जी ने हिंदू विरोधी राजनीति का जो किला बनाया था, वो धूल में मिल गया। उसकी जगह अब हिंदू स्वाभिमान ने ले ली है। अब कोई ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने से नहीं डरता। निज़ाम बदलने के बाद पहली बार ये पता चल रहा है कि बंगाल में किस कदर डर का माहौल था। अब हवा बदली तो चारों तरफ लोगों की तृणमूल के नेताओं से नाराजगी दिखाई दे रही है। ममता के लिए अब पार्टी को बचाना टेढ़ी खीर साबित होगी।

यूपी में योगी का चुनाव अभियान शुरु

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दस साल पहले यूपी में बम और कट्टों की फैक्ट्रियां चलती थी, अब यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है, पहले यूपी में मच्छर बीमारी फैलाते थे, माफिया खौफ का कारोबार करते थे, नौ साल में मच्छर भी खत्म हो गए और माफिया भी जहन्नुम पहुंच गए। योगी ने ये बात तो कुशीनगर में कही लेकिन इसका असर पूरे यूपी में दिख रहा है। संभल में 48 साल बाद दंगा पीड़ित परिवार को फिर से बसाया गया। 1978 के दंगे में बहुत से हिन्दू परिवार अपना घर छोड़कर भाग गए थे, उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर लिया गया था। इस दंगे में अपने परिवार के सामने रामशरण रस्तोगी की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी और शव को उनकी दुकान के सामने कुएं में फेंका गया था।

इस खौफनाक वारदात के बाद डरा सहमा परिवार संभल से भागकर दिल्ली में रहने लगा था, उनके घर और दुकान पर कब्जा हो गया। रामशरण के पोते ने अपनी मां और दादी के साथ योगी से मुलाकात की, परिवार की दास्तां योगी को बताई। योगी ने DM से जांच कराई तो पता लगा कि जिस जमीन पर टीले वाली मस्जिद बनी है, उसके आसपास कब्रिस्तान बना है। वो सारी जमीन सरकारी है। प्रशासन ने इस जमीन को खाली करवाया और इस जमीन का एक हिस्सा रामशरण के परिवार को सौंप दिया। संभल के डीएम बुधवार को इस जमीन के कागजात दंगा पीड़ित परिवार को सौंपेंगे, प्रशासन की देखरेख में इस जमीन पर घर बनेगा।

इसी तरह गाजियाबाद मे योगी के आदेश पर प्रशासन ने चंचल नाम की एक बुजुर्ग को सिर्फ 48 घंटे में उनका घर वापस दिला दिया है। 70 साल की बुजुर्ग महिला चंचल के घर पर ताज मोहम्मद नाम के प्रॉपर्टी डीलर ने कब्जा कर लिया था। चंचल ने सीएम से गुहार लगाई। इस बुजुर्ग महिला ने अपने पति के इलाज के लिए ताज मोहम्मद से डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे, पति की मौत हो गई। ताज मोहम्मद ने चार महीने में ब्याज जोड़कर डेढ़ लाख की रकम को सात लाख तक पहुंचा दिया। बुजुर्ग महिला इतना पैसा नहीं चुका पाई तो ताज मोहम्मद ने उसे घर से निकाल कर घर पर कब्जा कर लिया और उसका मकान पड़ोस में रहने वाले मोमिन को बेच दिया।

सोमवार को डीएम खुद मौके पर पहुंचे, अवैध कब्जा हटवाकर तुरंत मकान की चाबियां चंचल को सौंप दीं और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का आदेश दिया। योगी आदित्यनाथ ने सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों के मन में जो भरोसा पैदा किया है, वह उनकी बड़ी उपलब्धि है। जनता का ये भरोसा योगी की सबसे बड़ी ताकत है, इसीलिए योगी जोश में हैं। यूपी में चुनाव अभी दूर है लेकिन लगता है कि योगी ने पूरे दम से प्रचार शुरु कर दिया है। वह हर रोज एक अलग जिले में नजर आते हैं।

योगी का एजेंडा स्पष्ट है। उन्होंने यूपी में माफियाओं के दिल में कानून का डर पैदा किया है, बहन-बेटियां सुरक्षित महसूस करती हैं, उद्योगपति यूपी में पूंजी लगाने लगे हैं। इसके अलावा योगी का एक और एजेंडा भी है। योगी ने उत्तर प्रदेश में हिंदुओं का आत्म-सम्मान जगाया है और इसका जबाव न PDA का नारा लगाने वाले अखिलेश यादव के पास है और न संविधान की क़ॉपी लहराने वाले राहुल गांधी के पास। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 02 जून 2026 का पूरा एपिसोड

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