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Rajat Sharma's Blog | यूपी चुनाव : अमित शाह और योगी साथ-साथ

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, दोनों ने एक दूसरे की खूब तारीफ की। दोनों के बीच जो केमिस्ट्री दिखी, उसने विरोधियों की कयासबाजी पर विराम लगा दिया है।

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले आज अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने विरोधियों को बड़ा संदेश दिया। अमित शाह ने कहा कि योगी ने यूपी का कायाकल्प कर दिया है, यूपी के गुंडे माफ़िया को मिट्टी में मिला दिया, क़ानून का राज स्थापित किया, जहां पहले देसी कट्टे बनते थे, वहां डिफेंस कॉरीडोर बन रहा है, जहां से सेनाओं के लिए हथियार बन रहे हैं। योगी ने भी अमित शाह की तारीफ़ की, कहा, यूपी में विकास का जो रोडमैप बना है, उसमें ज़्यादातर ideas अमित शाह के थे। जो लोग उत्तर प्रदेश की सियासत को समझते हैं, वो जानते हैं कि अमित शाह और योगी के बीच जो कैमिस्ट्री दिखी, उसका क्या मतलब है? अमित शाह ने यूपी की राजनीति की दशा और दिशा बदलने का काम किया। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक योगी के बारे में जो अटकलें लगाई जा रही थीं, उनको एक झटके में ख़त्म कर दिया। योगी के जो विरोधी कहते थे कि अमित शाह योगी को गिराने में लगे हैं, उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अमित शाह ने योगी के बारे में जो-जो कहा, उससे साफ़ संदेश गया कि योगी को अमित शाह की full backing है। यूपी का चुनाव दोनों नेता मिल कर लड़ेंगे।

राहुल सोचो: कांग्रेस चुनाव क्यों हारती है?
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ देश भर में प्रोटेस्ट किया। दिल्ली, लखनऊ, पटना, कोलकाता, गुवाहाटी, शिमला, देहरादून और चंडीगढ़ में खूब हंगामा हुआ। दिल्ली में निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। राहुल गांधी ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए लेकिन कल कांग्रेस ने तीनों चुनाव आयुक्तों के इस्तीफे की मांग की। प्रियंका गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए क्योंकि जो आरोप लगे हैं, वो देशद्रोह से कम नहीं है। केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बीच की लाइन ली। पासवान ने कहा, जनता का भरोसा चुनाव आयोग पर है, इसलिए अगर कुछ आशंका या सवाल है, तो चुनाव आयुक्तों को सामने आकर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस को आत्ममंथन  करना चाहिए। राहुल गांधी को खुद से पूछना चाहिए कि कांग्रेस बार बार चुनाव क्यों हारती है ?

2014 में तो मोदी के पास चुनाव आयोग नहीं था, तो कांग्रेस कैसे हार गई?
2017-18 में मोदी के पास चुनाव आयोग था, तो बीजेपी मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में कैसे हार गई? उस समय कांग्रेस के अखबार National Herald ने लिखा था कि मोदी और शाह के जो समर्थक ये दावा करते हैं कि बीजेपी को हराया नहीं जा सकता, जो कहते हैं कि मोदी चुनाव लड़वाने के 'master' हैं..और अमित शाह आधुनिक भारत के 'चाणक्य' हैं, उन्हें बताना चाहिए कि बीजेपी ने 2018 से 2019 के बीच 8 राज्य चुनाव क्यों हारी ? उस समय National Herald ने 'वोट चोरी' का ज़िक्र नहीं किया।  2024 में मोदी के पास चुनाव आयोग था। लोकसभा में बीजेपी 240 पर कैसे अटक गई ? इलेक्शन कमीशन में हज़ारों कर्मचारी हैं, चुनाव प्रक्रिया में लाखों सरकारी कर्मचारी और शिक्षक जुड़ते हैं, आज कल तो हर हाथ में mobile होता है, हर moment record होता है, तो क्या कहीं वोटों में हेराफेरी होती, तो वो सामने नहीं आती ? ये बात सही है कि चुनाव आयोग के काम करने के तरीक़े में problem है।SIR deletion addition के process को लेकर सवाल हैं। यही बात दोनों  दोनें इलेक्शन कमिश्नर्स  ने point out की थी लेकिन दोनों ने कहीं ये नहीं कहा कि election process को rig किया गया। चुनाव आयोग के internal टकराव का मतलब 'वोट चोरी' निकालना, अपनी कमियों पर पर्दा डालने की कोशिश है।

बिहार के मुख्यमंत्री: जमुई की बेटी की पहचान उजागर करने के लिए माफ़ी मांगें
समस्तीपुर से एक और वीडियो आया है जिसमें कुछ गुंडे एक नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी करते दिख रहे हैं। पुलिस का दावा है कि ये वीडियो एक साल पुराना है। पुलिस ने वीडियो में दिख रहे चार बदमाशों की पहचान कर ली है, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। एक आरोपी धर्मेंद्र सहनी को गिरफ्तार भी कर लिया है। दो दिन पहले समस्तीपुर में ही इस तरह की एक और वारदात में गिरफ्तार चार आरोपियों में से तीन - राहुल पासवान, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान की सरकारी जमीन पर बने कच्चे घरों को गिरा दिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुई में दरिंदगी की शिकार हुई लड़की के परिवार से मुलाकात की। यहां तक तो ठीक था लेकिन सीएम आवास में लड़की के परिवार वालों के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी गई। लड़की और उसके परिवार की पहचान उजागर कर दी, ये कानूनन अपराध है। देर रात ख़बर आई कि मुख्यमंत्री कार्यालय के staff सागर प्रसाद के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई है। सागर प्रसाद ने ही मुख्यमंत्री के X handle पर लड़की के परिवार वालों के साथ सम्राट चौधरी की फोटो पोस्ट की थी। ये अच्छी बात है कि कम से कम सरकार ने फौरन एक्शन लिया। सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री  हैं, अनुभवी नेता  हैं। उन्हें इतना तो पता होना चाहिए कि sexual harassment के केस में किसी पीड़ित महिला की पहचान उजागर करना अपराध है। एक नाबालिग़ लड़की के केस  में तो ये अपराध और भी संगीन हो जाता है। सिर्फ़ post delete करने से कुछ नहीं होगा। एक कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज कराने से भी काम नहीं चलेगा। सम्राट चौधरी को अपनी ग़लती माननी चाहिए, माफ़ी मांगनी चाहिए। जो मुख्यमंत्री लोगों के रील बनाने का मज़ाक़ उड़ा रहे थे, वह ख़ुद ही अपनी रील बनाने के चक्कर में फंस जाएं, इससे बड़ा मज़ाक़ और क्या हो सकता है?

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 25 सितंबर, 2026 का पूरा एपिसोड

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