बालों को गर्म पानी से धोने, बालों में तेल और नमी की कमी होने से स्कैल्प रूखा होने लगता है। बदलते मौसम में ये समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि डैंड्रफ सिर्फ मौसम का असर नहीं है बल्कि शरीर के दोष असंतुलित होने का भी संकेत है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात-पित्त-कफ पाए जाते हैं जिन्हें त्रिदोष कहा जाता है। इन त्रिदोष का बैलेंस बिगड़ने पर शरीर में बहुत सारी बीमारियां पैदा होने लगती हैं। रूसी में खासतौर से पित्त और कफ दोष का असंतुलन होने लगता है। इससे खून गंदा होकर सिर के रोम छिद्र बंद कर देता है। जिससे सिर की त्वचा रूखी होने लगती है और सिर पर पपड़ी जमने लगती है। डैंड्रफ दूर करने के लिए डाइट के साथ ही कुछ असरदार उपाय उपयोगी साबित हो सकते हैं।
सिर साफ रखें- जिन लोगों को रूसी की समस्या है उन्हें बालों और सिर को अच्छी तरह साफ रखना चाहिए। इससे डेड स्किन हट जाती है। बाल धोने के लिए कटेकोनाजोल, सेलेनियम सल्फाइड या जिंक से वाला शैम्पू इस्तेमाल करें। सिर पर जमी परतों को हटाने के लिए बारीक कंघी का इस्तेमाल करें, इससे ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आने लगेगा।
मालिश की मालिश- रूसी का इलाज ये भी है कि आप सिर की अच्छी मालिश करें। डैंड्रफ दूर करने के लिए नारियल या जैतून तेल को गर्म करके मसाज करें। इससे त्वचा की ड्राईनेस कम होगी और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आने लगेगा। इससे रूसी नियंत्रित होती है।
मौसम के बदलाव से बचें- अपने बाल और सिर को मौसम के असर से बचाए रखें। बहुत ज्यादा गर्मी या सर्दी से बचाव करें। सूरज की किरणों और गर्मी सिर में तेल का उत्पादन बढ़ा सकती है, इससे डैंड्रफ भी बढ़ सकती है। इसलिए बदलते मौसम में खास देखभाल करें। सीधे धूप में जाने से बचें।
तेल लगाकर न रखें- जिन लोगों को डैंड्रफ की समस्या है उन्हें बालों में तेल लगाकर नहीं रखना चाहिए। तेल से बालो में ज्यादा गंदगी जाती है और पोर्स बंद होने लगते हैं। रूसी में तारपीन वाले तेल का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह बालों के रूखेपन की समस्या बढ़ जाती है।
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