बालों की अच्छी सेहत के लिए सही शैम्पू चुनना बेहद जरूरी है। बाजार में कई तरह के शैम्पू मौजूद हैं, लेकिन हर शैम्पू आपके बालों और स्कैल्प के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ शैम्पू बालों की जरूरत के हिसाब से अच्छे साबित हो सकते हैं, जबकि कुछ में मौजूद तत्व बालों को रूखा बना सकते हैं या स्कैल्प में जलन पैदा कर सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर आंचल पंथ ने बताया है कि शैम्पू खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस तरह के शैम्पू को ग्रीन फ्लैग और किसे रेड फ्लैग माना जा सकता है। आइए जानते हैं।
इस तरह का शैम्पू है ग्रीन फ्लैग और इस तरह का रेड फ्लैग?
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कैफीन वाला शैम्पू: कैफीन स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। कुछ स्टडीज़ से पता चला है कि कैफीन वाले शैम्पू बालों के पतले होने की समस्या में फ़ायदेमंद होते हैं।
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बायोटिन शैम्पू: बायोटिन बालों को मॉइस्चराइज़ कर सकता है, लेकिन यह बालों की ग्रोथ को बढ़ावा नहीं देता है। बायोटिन शैम्पू को बालों के पतले होने और झड़ने की समस्या के लिए बेचा जाता है। लेकिन यह बालों को झड़ने से नहीं रोकता और न ही मौजूदा बालों को घना बनाता है।
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बॉन्ड मेंटेनेंस शैम्पू: बॉन्ड मेंटेनेंस शैम्पू में अमीनो एसिड होते हैं जो डैमेज बालों पर एक कोटिंग बनाकर और डैमेज हिस्से पर चिपककर उन्हें ठीक करने में मदद करते हैं।
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चारकोल शैम्पू: एक इंग्रीडिएंट के तौर पर चारकोल स्किन के लिए बहुत अच्छा होता है। इसके फ़ायदों को ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है।
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हेयर ग्रोथ शैम्पू: कोई भी शैम्पू बालों की ग्रोथ नहीं बढ़ा सकता। शैम्पू का एकमात्र काम स्कैल्प को साफ़ करना है। बस इतना ही।
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एंटी-फ़्रिज़ कंडीशनर: क्या कंडीशनर का इस्तेमाल करने से सभी तरह के फ़्रिज़ वाले बाल मुलायम हो सकते हैं।