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स्पेस की नो टेंशन! छोटी सी बालकनी में ऐसे उगाएं ढेर सारे लाल-लाल टमाटर

अगर आपको गार्डनिंग का शौक है तो आप घर की बालकनी में टमाटर आसानी से उगा सकते हैं। बस आपको सही देखभाल करने की जरूरत है। घर पर ताजे और लाल टमाटर उगाने के लिए इन आसान तरीके को अपनाएं।

स्पेस की नो टेंशन! छोटी सी बालकनी में ऐसे उगाएं ढेर सारे लाल-लाल टमाटर- India TV Hindi
Image Source : MAGNIFIC स्पेस की नो टेंशन! छोटी सी बालकनी में ऐसे उगाएं ढेर सारे लाल-लाल टमाटर

बारिश के कारण टमाटर के दाम तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसका असर लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि आप घर की छोटी सी बालकनी में आसानी से टमाटर का पौधा लगा सकते हैं। टमाटर उगाने के लिए बहुत बड़ी जगह या बड़ा गार्डन होना जरूरी नहीं है। आप छोटी सी जगह में भी इसे आसानी से उगा सकते हैं। थोड़ी सी देखभाल, सही मिट्टी और पर्याप्त धूप की मदद से आप बिना केमिकल वाले टमाटर घर पर ही पा सकते हैं। ऐसे में यहां जान लें घर पर टमाटर उगाने का तरीका। 

गमले का चयन और साइज
टमाटर के पौधों को बढ़ने के लिए अच्छी जगह चाहिए होती है। बालकनी के लिए कम से कम 12 से 15 इंच चौड़े और गहरे गमले, ग्रो बैग या पुरानी बाल्टी का इस्तेमाल करें। गमले के तल में पानी निकासी के लिए 2-3 छेद जरूर होने चाहिए, ताकि एक्सट्रा पानी बाहर निकल सके और जड़ें सड़े नहीं।

मिट्टी तैयार करें
पौधों की ग्रोथ पूरी तरह मिट्टी की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इसके लिए 40% नॉर्मल मिट्टी, 40% वर्मीकंपोस्ट या गोबर की पुरानी खाद और 20% कोकोपीट का मिश्रण तैयार करें। कोकोपीट मिट्टी में नमी बनाए रखती है और मिट्टी को हल्का रखती है, जिससे जड़ों का विकास तेजी से होता है।

बीज या पौधे की रोपाई
आप चाहें तो नर्सरी से टमाटर के पौधे खरीदकर ला सकते हैं या घर पर बीजों से पौध लगा सकते हैं। पौधे लगाते समय ध्यान रखें कि मुख्य तना थोड़ा मिट्टी के अंदर दबा हो ताकि पौधे को मजबूत सहारा मिले। दो पौधों के बीच सही दूरी रखना जरूरी है।

धूप और पानी का संतुलन
टमाटर के पौधों को रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है। इसलिए बालकनी के उसी हिस्से में गमले रखें जहां अच्छी धूप आती हो। पानी देते समय यह नियम रखें कि मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी दें। ओवर-वाटरिंग से पौधे की जड़ें खराब हो सकती हैं।

खाद 
हर 15 से 20 दिन में पौधे की निराई-गुड़ाई करें और उसमें वर्मीकंपोस्ट या नीम की खली मिलाएं। फूल आने के समय लिक्विड फर्टिलाइज़र बेहद फायदेमंद होता है। कीटों से बचाव के लिए हर हफ्ते नीम के तेल का छिड़काव करें।

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