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Premanand Ji Maharaj Quotes: प्रेमानंद जी महाराज के ये अनमोल विचार दिलाएंगे सफलता

Premanand Ji Maharaj Quotes: वृंदावन वाले श्री प्रेमानंद जी महाराज के विचार लोगों को सही मार्गदर्शन दिखाने का काम करते हैं। ऐसे में यहां हम आपके लिए उनके प्रेरक, अनमोल विचार लाए हैं। यहां पढ़ें उनके मोटिवेशनल कोट्स।

प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल विचार - India TV Hindi
Image Source : FACEBOOK/BHAJANMARGOFFICIAL प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल विचार

प्रेमानंद जी महाराज किसी पहचान के मौहताज नहीं है। उनके विचार आज के डिजिटल युग में भटके हुए युवाओं और तनावग्रस्त समाज के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह हैं। उनके प्रवचन सोशल मीडिया के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से बदल रहे हैं। प्रेमानंद जी महाराज का मानना है कि वास्तविक सफलता केवल धन, पद या प्रतिष्ठा पाने में नहीं है, बल्कि मन की शांति और चरित्र की पवित्रता में है। ऐसे में यहां हम उनके अनमोल विचार लाए हैं जो आपको जीवन में सफल बनाने का काम करेंगे। 

Premanand Ji Maharaj Quotes Thoughts in Hindi 

  • कठिन समय विश्वास की परीक्षा नहीं, बल्कि उसे गहराने का अवसर होता है।
  • कठिन समय में धैर्य रखना ही विश्वास की सच्ची परीक्षा है।
  • धन्यवाद का भाव जीवन को मधुर बना देता है। जो कृतज्ञ है, वही वास्तव में समृद्ध है।
  • जो मिला है, उसी में संतोष सीख लो, शांति वहीं छिपी है।
  • कृतज्ञ हृदय को अधिक की भूख नहीं रहती। जो मिला है, वही प्रभु का प्रसाद लगने लगता है।
  • अहंकार घटता है तो प्रेम बढ़ता है, और प्रेम बढ़ते ही जीवन पूजा बन जाता है।
  • जब तुम अपने को पूर्णतः ईश्वर को सौंप देते हो, तब चिंता को रहने का कोई स्थान नहीं मिलता।
  • समर्पण का अर्थ हार नहीं, ईश्वर की शक्ति में प्रवेश है।
  • नाम का स्मरण मन को ऐसा सहारा देता है, जो कभी टूटता नहीं।
  • नाम का स्मरण मन को ऐसा सहारा देता है, जो कभी टूटता नहीं।
  • मन की शांति बाहर नहीं, उस मौन में है जहां विचार थम जाते हैं और साक्षी जागता है।
  • भक्ति कोई दिखावा नहीं, यह हृदय की वह पुकार है जिसे भगवान स्वयं सुन लेते हैं।
  • गुरु वह दर्पण है जो हमें हमारी सच्ची स्थिति दिखाता है।
  • गुरु की वाणी दीपक है, पर चलना शिष्य को स्वयं पड़ता है।
  • गुरु की कृपा तब काम करती है, जब शिष्य सीखने को तैयार होता है।
  • सेवा में जब अपना नाम भूल जाते हो, तब ईश्वर तुम्हें पहचान लेते हैं।
  • जब हर क्षण को सेवा समझ लिया जाए, तब जीवन ही साधना बन जाता है।
  • तू शरीर नहीं, वह चेतना है जो हर अनुभव को देखती और जानती है।
  • मुक्ति कोई दूर की वस्तु नहीं, यह तो अहंकार के त्याग से यहीं प्रकट होती है। प्रेम ही मोक्ष का द्वार है।

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