अमेरिका में थॉमसन जैफरसन विश्वविद्यालय के स्टीफन डी सिल्बरस्टेन ने कहा, ‘‘यह चिकित्सा उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण की तरह है जिनके माइग्रेन का मौजूदा दवाओं से इलाज नहीं हो पाता है।’’
इतने करोड़ लोग है इस बीमारी से परेशान
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुमान के मुताबिक दुनिया भर में 12.7 से 30 करोड़ लोगों को गंभीर माइग्रेन की समस्या से जूझना पड़ता है। गंभीर माइग्रेन के तहत कम से कम तीन महीने तक प्रति महीने 15 या ज्यादा बार सिरदर्द होता है।
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