इन दिनों जामुन का सीजन है। जामुन सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद फल है। जामुन में भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं और ये फल मिलावट से पूरी तरह दूर है। जामुन में विटामिन-सी, और आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसे डायबिटीज के मरीज के लिए दवा जैसा असरदार माना जाता है। आयुर्वेद में जामुन का इस्तेमाल, जामुन की गुठलियों का उपयोग और जामनु के पत्तों का विशेष महत्व है। अगर आपको जामुन खाने में झंझट लगता है तो इसका जूस बनाकर भी पी सकते हैं। आइये जानते हैं घर में जामुन का जूस बनाने की विधि क्या है?
जामुन का जूस बनाने की विधि
पहला स्टेप- जामुन का जूस बनाने के लिए गूदे वाली जामुन लें और उन्हें धोकर उसका पल्प निकाल लें। जामुन को चाकू की मदद से काटकर पूरा गूदा निकाल लें और गुठलियों को फेंक दें। सारा पल्प मिक्सर जार में डालें। इसमें थोड़ा काला नमक, थोड़ा भुना जारी, चाट मसाला डाल दें।
दूसरा स्टेप- अब इसमें फ्लेवर के लिए 4-5 पुदीने के पत्ते डालें और 5-6 आइस क्यूब और 2-3 चम्मच पानी डालकर पीस लें। आपको इसे जूस जैसा बनाकर तैयार करना है। अगर ज्यादा गढ़ा लगे तो इसमें पानी और मिला सकते हैं। इसे बिना छाने ही पीएं।
जामुन जूस कैसे सर्व करें
सर्व करने के लिए एक प्लेट में थोड़ा नमक, लाल मिर्च पाउडर और चाट मसाला डालकर मिलाएं। सारी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके इसे कांच के गिलास की लाइन के ऊपर में चिपकाएं। इसके लिए मसाले पर गिलास को उल्टा करके घुमाएंगे तो मसाला गिलास के किनारों पर चिपक जाएगा। अब गिलास में 2-3 आइस क्यूब डालें और इसमें तैयार किया हुआ जामुन का जूस डालकर इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें। नींबू की स्लाइस लगाकर इसे सर्व करें।
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जामुन को लिवर के लिए बहुत ही अच्छा फल मान जाता है
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डायबिटीज के मरीज के लिए जामुन और गुठली फायदेमंद होती हैं
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जामुन को खाना हजम करने के लिए बेहतरीन फल माना जाता है
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काले जामुन खाने से शरीर में आयरन की कमी दूर होती है
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जामुन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर पाया जाता है
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सर्दी, जुकाम और अस्थमा में भी जामुन फायदेमंद फल माना गया है
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पोटैशियम से भरपूर होने के कारण जामुन हार्ट के लिए फायदेमंद है
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