मकर संक्रांति का पर्व इस साल 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। उत्तर भारत में इस दिन लोग अपने घरों में खिचड़ी बनाते हैं और कई जगहों पर लोग दही चूड़ा का सेवन करते हैं। खासकर, तिल के लड्डू के बिना मकर संक्रांति का पर्व अधूरा माना जाता है। महाराष्ट्र में इस दिन, तिल और तिल से बनी मिठाइयों का खूब सेवन किया जाता है। साथ ही "तिलगुल घ्या आणि गोड गोड बोला" (तिल-गुड़ खाओ और मीठे बोलो) कहकर शुभकामनाएँ दी जाती हैं, जो इस त्योहार का एक अहम हिस्सा है। ऐसे में आज हम आपके लिए महाराष्ट्र की ख़ास तिल गुड़ के पराठे ( Til aur Gur ka Paratha Recipe ) की रेसिपी लेकर आए हैं। चलिए जानते हैं कैसे बनाएं यह ख़ास रेसिपी?
तिल का पराठा बनाने के लिए सामग्री: Ingredients For Making Til And Gud ka Paratha
आटा 1 कटोरी, तिल आधा कटोरी, गुड़ 1 कप , देसी घी 50 ग्राम, नारियल का बूरादा
कैसे बनाएं तिल का पराठा? How to make til gur paratha ka Paratha
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तिल का पराठा बनाने के लिए आप सबसे पहले गैस ऑन कर कड़ाही रखें और उसमें सफेद तिल को गोल्डन होने तक भूनें।
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जब तिल भून जाए तब उसे दूसरे बतर्न में रखें। अब, उसी कड़ाही में 1 कप गुड़ डालें और धीमी आंच पर उसे पिघलने दें।
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अब, एक बर्तन में गेंहू का आटा लें और उसमें चुटकी भर नमक, भुना हुआ तिल और नारियल का बुरादा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। आप चाहें तो तिल को हल्का दरदरा पीस भी सकते हैं।
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अब आटे के मिश्रण में पिघला हुआ गुड़ डालें और उसको अच्छी तरह से गूंथें। जब आटा नरम गूंथकर हो जाए तब उसे 10 मिनट सेट होने के लिए रख दें।
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अब, गैस पर पैन रखें और उसे घी से ग्रीस करें। जब तक पैन गर्म हो रहा है तब तक आटे की लोइयां बनाकर उसे पराठे की तरह बेल लें। ऊपर से कुछ तिल छिड़कें और फिर से एक बार बेल लें।
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अब पराठे को गर्म तवे पर डालकर दोनों तरफ से घी लगाकर हल्की आंच पर सुनहरा होने तक सेंक लें। टेस्टी पराठा बनकर तैयार है।
तिल गुड़ के पराठे खाने के फायदे:
तिल और गुड़ की तासीर गर्म होती है जो ठंड के मौसम में शररी को एक्टिव रखती है और ठंड से बचाती है। इसके अलावा तिल के सेवन से इम्यूनिटी भी मजबूत होती है। तिल का पराठा स्वाद में मीठा होता है। इसको आप मकर संक्रांति के पर्व पर बनाकर दिन की शुरूआत कर सकते हैं।
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