मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गरबा जिहाद की आती खबरों के बीच, जहां गरबा संचालक अपने हिसाब से गाइडलाइन तय कर रहे थे। जिला प्रशासन ने कलेक्टर के आदेश से भोपाल जिले के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होने वाले गरबा डांडिया और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रम को आयोजित करने वाली समितियों के लिए आदेश जारी किए हैं। दरअसल, भोपाल में गरबा को लेकर कई बड़े-बड़े आयोजन होते हैं जिसमें लाखों की संख्या में भीड़ जुटती है। ऐसे में जिला प्रशासन ने बढ़ती भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है।
इस आदेश के मुताबिक-
- गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति द्वारा किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र के सत्यापन किये बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नही दिया जावेगा।
- आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सी सी टी वी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य होगा।
- आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था तथा Fire Safety Norms का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।
- आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।
- आयोजन समिति द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जावे कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग / प्रदर्शन कर सकेगा।
- आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य कराया जाना सुनिश्चित करेगें एवं इस आशय का प्रमाण पत्र विद्युत विभाग से लिया जाना अनिवार्य होगा।
Image Source : reporter inputभोपाल में गरबा जिहाद की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने गाइडलाइन की जारी।
'जिहादियों का आना सख्त मना, पकड़े गए तो घर वापसी कराई जाएगी'
वहीं, आपको बता दें कि भोपाल में गरबा पंडालों में होर्डिंग लगने शुरू हो गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है- "गरबे के पंडाल में जिहादियों का आना सख्त मना है। पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी या उचित व्यवस्था की जाएगी।" जानकारी के मुताबिक, ये होर्डिंग अवधपुरी श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा पंडाल की टीम की ओर से लगाया गया है। होर्डिंग पर लट्ठ और जूते-चप्पल की तस्वीर भी लगी है।
एंट्री के लिए बने 5 नियम
भोपाल में गरबा जिहाद से बचने और गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए गाइडलाइन भी बनाई गई है। हिंदू संगठनों की ओर से गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए ये पांच नियम तय किए गए हैं-:
- माथे पर तिलक
- हाथों में कलावा
- आधार कार्ड
- गंगाजल गोमूत्र का आचमन
- वराह देवता-मां दुर्गा की तस्वीर का नमन
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