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चूहों के कुतरने से दूसरे बच्चे की भी मौत, इंदौर के बड़े अस्पताल में हड़कंप; चौंकाने वाली है पूरी कहानी

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल हॉस्पिटल में लापरवाही की इन्तहा उस वक्त हो गई जब जिंदगी बचाने के लिए बनाए गए PICU में चूहे के काटने के बाद दूसरे नवजात बच्चे की भी मौत हो गई।

indore rat newborn baby- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT PICU में चूहों ने दो नवजात बच्चों को कुतरा।

मध्य प्रदेश के इंदौर से आई तस्वीरों ने देश का दिल दहला के रख दिया है। यहां के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (MYH) में चूहों के हमले की शिकार दूसरी नवजात बच्ची ने बुधवार को दम तोड़ दिया। चूहों ने उसके हाथ-पैर कुतरे थे। इससे पहले मंगलवार को भी एक नवजात बच्ची ने दम तोड़ दिया था। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने दावा है किया कि बच्ची की मौत सेप्टिसीमिया (रक्त विषाक्तता या रक्त संक्रमण) के कारण हुई। एमवायएच के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।  

बता दें कि रविवार को सामने आए इस घटनाक्रम का दर्दनाक पहलू आज बुधवार को सामने आया जब दूसरी नवजात बच्ची 8 दिन की रिहाना की भी मौत हो गई। वार्ड में चूहों के घूमने का वीडियो भी सामने आया है।

मौत चूहे से नहीं, बीमारी से हुई- MYH के उपाधीक्षक

एमवायएच के उपाधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि हाल ही में चूहों के हमले की जद में आई एक नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने बताया कि महज 1.60 किलोग्राम वजन वाली यह बच्ची अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही थी जिनमें आंतों की विकृति भी शामिल थी। वर्मा ने बताया कि एमवायएच में 7 दिन पहले इस बच्ची का ऑपरेशन किया गया था और 'सेप्टिसीमिया' के कारण उसकी हालत गंभीर थी। उन्होंने कहा कि बच्ची की मृत्यु 'सेप्टिसीमिया' के कारण हुई है। वर्मा ने कहा कि बच्ची के परिजनों की इच्छा के मुताबिक उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है और शव उन्हें सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्ची को चूहों ने उसके बायें हाथ की दो अंगुलियों पर काटा था जिससे उसे 'हल्की खरोंच' आई थी। 

मंगलवार को हुई थी एक और बच्ची की मौत

इससे पहले, एमवायएच में चूहों के हमले की शिकार एक अन्य बच्ची की मंगलवार को मौत हो गई थी। एमवायएच के अधिकारियों ने कहा कि यह बच्ची भी अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही थी। एमवायएच प्रशासन का दावा है कि इस बच्ची की मौत 'निमोनिया के संक्रमण' से हुई। चूहों के हमले की शिकार दोनों बच्चियां नवजात बच्चों की सर्जरी से जुड़े विभाग के पीआईसीयू में भर्ती थीं।

अस्पतालों के पीआईसीयू वार्ड में उन नवजात बच्चों को रखा जाता है जिनकी हालत क्रिटिकल होती है। ऐसे में इस वार्ड में डॉक्टर, नर्स के अलावा सबका प्रवेश वर्जित होता है। बावजूद इसके इस वार्ड में चूहों के घुसने और बच्चों को कुतरने की घटना ने सबको हिला कर रख दिया। चूहों ने बच्चों के हाथ-पैर कुतरे थे।

नर्सिंग स्टाफ से लेकर, नर्सिंग सुप्रीटेंडेट सस्पेंड

नवजात बच्चों के शरीर को चूहों के कुतरे जाने की घटना की शुरुआती जांच के आधार पर मंगलवार को एमवायएच के दो नर्सिंग अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया था और अस्पताल की नर्सिंग अधीक्षक को पद से हटा दिया गया था। उन्होंने बताया कि एमवायएच की साफ-सफाई, सुरक्षा और कीट नियंत्रण के काम के ठेके से जुड़ी एक निजी फर्म को चेतावनी पत्र जारी करते हुए उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

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