खुले तेल की बिक्री को लेकर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फणवीस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इससे तेव व्यापारियों को एक साल की राहत मिलेगी। फडणवीस सरकार ने खुले तेल व्यापारियों को एक साल की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2011 में खुले तेल की बिक्री को लेकर कानून बनाया गया था और तेल की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है।
व्यापारियों की मदद करेगी फडणवीस सरकार
हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज भी बड़ी संख्या में गरीब लोग खुले तेल की खरीदारी करते हैं। इसलिए कानून का पालन कराने के साथ-साथ आम लोगों और पारंपरिक कारोबारियों की परेशानी का भी समाधान निकालना जरूरी है। सरकार अब FDA और व्यापारियों की संयुक्त समिति बनाएगी। यह समिति यह तय करेगी कि पारंपरिक कारोबारियों को कानून का पालन करने के लिए अपने कारोबार में किस तरह के बदलाव करने होंगे।जरूरत पड़ने पर सरकार व्यापारियों की मदद भी करेगी।
सरकार ने फिलहाल एक साल की राहत दी है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि एक साल के बाद दोबारा समय नहीं बढ़ाया जाएगा और सभी को कानून का पालन करना होगा। इस एक साल में व्यापारियों को अपने कारोबार को नए नियमों के मुताबिक ढालना होगा।
क्या क्या होंगे बदलाव
- सरकार अब FDA और व्यापारियों की संयुक्त कमेटी बनाएगी।
- इस कमेटी में व्यापारियों के प्रतिनिधि और अधिकारी शामिल होंगे।
- कमेटी यह तय करेगी कि पारंपरिक कारोबारियों को FDA के नियमों का पालन करने के लिए अपने कारोबार में किस तरह के बदलाव करने होंगे।
व्यापारियों ने क्या कहा
- व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के बाद कई लोगों ने दोबारा लकड़ी के घाणे शुरू किए हैं और कुछ लोगों ने कर्ज लेकर अपना कारोबार खड़ा किया है।
- व्यापारियों ने सरकार से खुले तेल की बिक्री पर लगी पाबंदी हटाने की मांग की है।
- खाद्य तेल महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि खुले तेल में मिलावट को लेकर लोगों के बीच भ्रम है।
- उनके मुताबिक, व्यापारी तेल में किसी तरह की मिलावट नहीं कर रहे हैं।
- उनका कहना है कि पुराने कानून के समय और आज की परिस्थितियों में काफी बदलाव आया है, इसलिए कानून में भी बदलाव की जरूरत है।
कैबिनेट मंत्री बावनकुले का बयान
वहीं, कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार ने खुले तेल की बिक्री करने वालों को एक साल की अतिरिक्त मियाद दी है। इस दौरान व्यापारियों को FDA के नियमों के मुताबिक अपने कारोबार में जरूरी बदलाव करने होंगे और नए कानून का पालन करना होगा। बावनकुले ने कहा कि सरकार के इस फैसले से 50 हजार से ज्यादा लोगों को फायदा होगा, जो खुले तेल की बिक्री के कारोबार पर निर्भर हैं।
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि यह राहत सिर्फ एक साल के लिए है। इसके बाद समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी और सभी को कानून का पालन करना होगा।
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