मुंबई: सूत्रों के मुताबिक बीएमसी में बीजेपी का गुट नेता चुन लिया गया है। गणेश खनकर को बीजेपी गुट का नेता चुना गया है। बताया जा रहा है कि थोड़े समय में आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। बता दें कि गणेश खनकर मुंबई के दहिसर से वार्ड नंबर 7 से चुनाव जीते हैं। वहीं बीएमसी में पार्षद अमेय घोले को शिवसेना के ग्रुप लीडर के तौर पर चुना गया है।
गणेश खनकर कौन हैं?
गणेश खंकर ने बृहनमुंबई महानगर पालिका में दहिसर के वार्ड नंबर 7 से चुनाव जीत हासिल की थी। उन्होंने बीएमसी में अपनी सीट सुरक्षित कर ली है। भाजपा के सबसे बड़े बहुमत वाली पार्टी होने के नाते, वे सदन के नेता होंगे। भाजपा के एक अनुभवी नेता के तौर पर गणेश खनकर बोरीवली से पार्षद भी हैं और लंबे समय से पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
अमेय घोले चुने गए शिवसेना गुट के नेता
इस बीच, शिवसेना (शिंदे गुट) ने अमेय घोले को बीएमसी में अपना नेता चुना है। सूत्रों के अनुसार, घोले की नियुक्ति से नगर निकाय में शिंदे गुट का प्रभाव बढ़ने और प्रशासनिक कार्यों पर उसकी पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है। उन्होंने आगे कहा कि इस घटनाक्रम के साथ, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मुंबई नगर निगम में भाजपा के साथ अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है।
BJP ने जीती सबसे ज्यादा सीटें
बता दें कि हाल ही में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बीएमसी चुनावों में बहुमत हासिल कर लिया था। इसके बाद अब मेयर चुने जाने को लेकर पहल की जा रही है। बीएमसी की 227 वार्डों में भाजपा 89 सीटों पर अकेले जीत हासिल करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। ऐसे में अब यह भी माना जा रहा है कि गणेश खनकर ही बीएमसी के मेयर बन सकते हैं।
बीएमसी चुनाव के नतीजे
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और बीएमसी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने बीएमसी चुनाव में 89 सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी ने चुनाव में 11,79,273 वोट प्राप्त किए, जो कुल डाले गए वोटों का 21.58 प्रतिशत है। विजयी उम्मीदवारों में भाजपा का वोट शेयर 45.22 प्रतिशत रहा, जिससे यह नगर निकाय में सबसे बड़ी पार्टी बन गई। इसके सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 29 सीटें जीतीं और 2,73,326 वोट प्राप्त किए, जो कुल वोट शेयर का 5.00 प्रतिशत है। भाजपा-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन बीएमसी में सबसे बड़ा गठबंधन बनकर उभरा।
चुनाव में विपक्ष का हाल
दूसरी ओर, एमएनएस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतीं। यूबीटी के नेतृत्व वाली शिवसेना को 7,17,736 वोट मिले, जो कुल डाले गए वोटों का 13.13 प्रतिशत है। एमएनएस ने 74,946 वोट हासिल करके गठबंधन में 6 सीटें जोड़ीं, जो कुल वोटों का 1.37 प्रतिशत है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 2,42,646 वोट प्राप्त करके 24 सीटें जीतीं, जो कुल वोटों का 4.44 प्रतिशत है।
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