महाराष्ट्र के अमरावती जिले के कई इलाकों में बीते कुछ समय से एक बाघिन ने आतंक मचा रखा था। इस बाघिन ने 3 लोगों की जान भी ले ली थी। हालांकि, अब इस आदमखोर बाघिन का आतंक खत्म हो गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम ने जाल बिछाकर बाघिन को पकड़ लिया। हालांकि, इस दौरान एक हैरान करने वाली घटना देखने को मिली। बाघिन को जब ट्रेंकुलाइज करके इलाज के लिए ले जाया जा रहा था तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला?
सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले एक हफ्ते से अमरावती के मोर्शी, चांदूर बाजार और तिवसा इलाके में आतंक मचाकर तीन लोगों की जान लेने वाली आदमखोर बाघिन को कल वन विभाग ने ट्रेंकुलाइज करके पकड़ लिया। हालांकि, इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वन विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि उसकी मौत का कारण क्या है। आपको बता दें कि जुलाई महीने में नागपुर में बाघ को नजदीक देखकर पिता ने बेटे के साथ बांध में छलांग लगा दी थी। इस घटना में दोनों की मौत हो गई थी।
कैसे हुई बाघिन की मौत?
महाराष्ट्र के अमरावती में इस उग्र बाघिन को पकड़ने के लिए वन विभाग ने चंद्रपुर, नागपुर, पुणे और अमरावती से टीम मंगवाई थी। सोनोरी ग्राम के खेत के पास पुणे के रिस्क एरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य पशु चिकित्सक डॉक्टर हेमराज ने बाघिन को डार्ट से बेहोश किया था। इसके बाद उस पर ड्रोन से निगरानी रखी गई। कुछ देर बाद बाघिन घटनास्थल से लगभग 1 किलोमीटर दूर नाले में बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। बाघिन को परतवाड़ा सेंटर ले जाते वक्त मोर्शी के स्कूल में ऑक्सीजन दिया गया। हालांकि, इसी बीच उसकी मौत हो गई। इस घटना से हर कोई हैरान हो गया है।
वन विभाग ने जांच शुरू की
अमरावती में पकड़े जाने के बाद बाघिन की मौत को लेकर वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि बाघिन की मौत का कारण बेहोशी की दवा कि अत्यधिक खुराक थी या कोई अन्य वजह थी। अमरावती के उप वनरक्षक केआर अर्जुन ने बताया है कि बाघिन की मौत का असली कारण पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा।
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आखिरकार पिंजरे में कैद हुआ आदमखोर बाघ, मचा रखा था आतंक, देखें Video