महाराष्ट्र के नागपुर में वन विभाग को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। वन विभाग की टीम ने चिंता का कारण बने हुए एक आदमखोर बाघ को पकड़ लिया है। बाघ को ट्रेंकुलाइज डॉट मारकर काबू में किया गया है। इस बाघ ने पार्शिवनी तहसील के कालभैरव पेठ जंगल के इलाके में आतंक मचाकर रखा था और कई मवेशियों और लोगों की जान भी ले ली थी। आइए जानते हैं कि ये बाघ पकड़ में कैसे आया।
नागपुर जिले के पार्शिवनी तहसील के कालभैरव पेठ जंगल क्षेत्र में पिछले कई महीनो से आतंक का पर्याय बने 7 वर्षीय टाइगर टी यू आई 25 को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। करीब एक महीने से चल रहे सघन अभियान के बाद वन विभाग की टीम को यह बड़ी सफलता मिली है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को बाघ का लोकेशन मिलते ही वन विभाग ने अलग-अलग टीम में बनाई। उसके बाद जहां पर बाघ का लोकेशन था, उस पर नजर रखी गई। बाघ को देखते ही वहां पर मौजूद वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइजर डॉट मार कर बाघ को काबू में किया। पशु चिकित्सा की निगरानी में पूरी प्रक्रिया की गई। पकड़ने के बाद उस बाघ को टाइगर ट्रांसिट सेंटर नागपुर में भेजा गया है।
इस मामले में प्राप्त जानकारी के अनुसार, पकड़े गए बाघ ने काल भैरव पेठ, भागीमाहेरी, कान्हादेवी, टेकाडी पलासावली, नेऊरवाडा आदि क्षेत्र में आतंक मचा रखा था। बाघ किसानों के पालतू मवेशियों को निवाला बनाने के अलावा दो मजदूरों का भी शिकार कर चुका था। तहसील के कई गांव में इसकी इतनी दहशत फैली हुई थी कि किसान मजदूर खेतों में काम करने के लिए कतराने लगे थे। आदमखोर बाघ के पकड़े जान क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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