Sheetala Saptami Bhog List: शीतला सप्तमी और अष्टमी को बसोड़ा पूजा के नाम से जाना जाता है। हर साल होली के बाद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन शीतला सप्तमी मनाया जाता है। इस दिन माता शीतला की पूजा-अर्चना करने से चेचक, खसरा जैसे रोगों से मुक्ति मिलती है। शीतला सप्तमी उत्तर भारतीय राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अधिक लोकप्रिय है।
इस साल शीतला सप्तमी या बसोड़ा 10 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। आपको बता दें कि शीतला सप्तमी के दिन माता शीतला को बासी और ठंडा भोजन का भोग लगाने की परंपरा है। तो आइए जानते हैं कि इसके पीछे की मान्यता क्या है। साथ ही जानेंगे कि शीतला सप्तमी के दिन देवी मां को क्या-क्या चीजों का भोग लगाना चाहिए।
शीतला सप्तमी पर बासी और ठंडा भोजन का भोग क्यों लगता है?
शीतला माता को ठंडी चीजें अति प्रिय है, इसलिए बसोड़ा के दिन देवी मां को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। बसोड़ा पर्व की परंपरा के अनुसार, इस दिन घरों में भोजन पकाने के लिए चूल्हा नहीं जलाया जाता है। इसलिए अधिकांश परिवार एक दिन पूर्व भोजन बनाते हैं और शीतला सप्तमी या अष्टमी के दिन बासी भोजन का सेवन करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन चूल्हा जलाने से माता शीतला अप्रसन्न हो सकती हैं।
बता दें कि बहुत से लोग शीतला सप्तमी और अष्टमी दोनों दिन ही माता शीतला का व्रत और पूजा का विधान है। जो लोग सप्तमी पूजते हैं वे षष्ठी के दिन ही प्रसाद बनाकर रख लेते हैं। वहीं जो लोग शीतला अष्टमी की पूजा करते हैं वो सप्तमी के दिन माता रानी के लिए भोग तैयार करते हैं।
शीतला सप्तमी के दिन देवी मां को क्या भोग लगाएं
मीठे चावल
शीतला सप्तमी के दिन देवी मां को मीठे चावल का भोग लगाएं। चावल, गुड़ या चीनी से बने मीठे चावल माता शीतला को अति प्रिय है। यह भोग सप्तमी से एक दिन पहले ही रात में तैयार कर लें। मीठे चावल का भोग लगाने से जीवन में मिठास बनी रहती है।
गुलगुले या पुए
आटे और गुड़ से बने गुलगुले या पुए शीतला सप्तमी का मुख्य प्रसाद में से एक माना जाता है। माता शीतला को गुलगुले का भोग लगाने से घर परिवार में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है।
दही चावल
शीतला मां को ठंडी चीजें पसंद है। ऐसे में शीतला सप्तमी के दिन शीतला माता को दही चावल का भोग जरूर लगाएं। देवी मां को दही चावल चढ़ाने से शीतला माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पूड़ी-हलवा
शीतला सप्तमी के दिन माता रानी को बिना नमक वाली पूड़ी और भी अर्पित कर सकते हैं। हलवा-पूड़ी का भोग लगाने से देवी मां प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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