कल श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और गुरुवार का दिन है। प्रतिपदा तिथि 30 जुलाई को रात 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। कल से भगवान शिव का अतिप्रिय श्रावण यानि सावन का महीना शुरू हो रहा है। 30 जुलाई को रात 12 बजकर 6 मिनट तक आयुष्मान योग रहेगा। साथ ही कल शाम 5 बजकर 44 मिनट तक श्रावण नक्षत्र रहेगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते सावन माह के पहले दिन, गुरुवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
30 जुलाई 2026 का पंचांग
- श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि- 30 जुलाई को रात 9 बजकर 31 मिनट तक
- आयुष्मान योग- 30 जुलाई को रात 12 बजकर 6 मिनट तक
- श्रावण नक्षत्र- 30 जुलाई को शाम 5 बजकर 44 मिनट तक
- 30 जुलाई 2026 विशेष- सावन 2026 का प्रारंभ
30 जुलाई 2026 का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:47 ए एम से 05:31 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 13:11 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:55 पी एम से 03:47 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 07:15 पी एम से 07:37 पी एम
- अमृत काल- 06:24 पी एम से 08:09 पी एम
30 जुलाई 2026 का अशुभ समय
- राहुकाल- 02:22 पी एम से 16:00 पी एम
- यमगण्ड- 06:15 ए एम से 07:52 ए एम
- आडल योग- 06:15 पी एम से 17:43 पी एम
- दुर्मुहूर्त- 10:35 पी एम से 11:27 पी एम
- गुलिक काल- 09:30 ए एम से 11:07 पी एम
राहुकाल का समय
- दिल्ली- दोपहर 02:09 से दोपहर बाद 03:50 तक
- मुंबई- दोपहर 02:22 से शाम 04:00 तक
- चंडीगढ़- दोपहर 02:11 से दोपहर बाद 03:54 तक
- लखनऊ- दोपहर 01:53 से दोपहर बाद 03:34 तक
- भोपाल- दोपहर 02:06 से दोपहर बाद 03:45 तक
- कोलकाता- दोपहर 01:22 से दोपहर बाद 03:01 तक
- अहमदाबाद- दोपहर 02:25 से शाम 04:04 तक
- चेन्नई- दोपहर 01:50 से दोपहर बाद 03:26 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- 06:15 ए एम
- सूर्यास्त- 19:15 पी एम
सावन माह का महत्व
सावन के दौरान चारों तरफ भोले बाबा के नाम की गूंज सुनाई देती है। शिव भक्त पूरी तरह से भगवान शिव की साधना में लीन रहते हैं। कहते हैं कि मां पार्वती ने भी शिव जी को पति के रूप में पाने के लिये सावन महीने में ही कठोर तप किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर शिव जी ने देवी पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसलिए अच्छे वर की प्राप्ति के लिये इस महीने में भगवान शिव की उपासना की जाती है।
सावन महीने में ही भगवान शिव के निमित्त कांवड़ भी लाई जाती है, जिसे सावन शिवरात्रि के दिन शिव मंदिर में अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि इस महीने शिव आराधना करने से मनचाही इच्छा जल्द पूरी होती है। साथ ही श्रावण मास में प्रतिदिन शिवलिंग पर जल अर्पित करना भी शुभ होता है। शिवलिंग पर जल चढ़ाने से विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
ये भी पढ़ें: गुरु पूर्णिमा पर कर लें ये आसान उपाय, कर्ज से मिलेगी मुक्ति, धन लाभ और कारोबार में तरक्की के खुल सकते हैं रास्ते