गर्मियों के मौसम ने दस्तक दे दी है। मार्च में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है. ऐसे में बाज़र के ठेलों पर खीरा का भरमार देखने को मिल रहा है। अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए लोग जमकर खीरा का सेवन शुरू का चुके हैं। इस मौसम में खीरा खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ हाइड्रेशन भी बनाए रखता है। लेकिन बाजार में मिलने वाले देसी खीरा और हाइब्रिड खीरा को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर दोनों में से ज्यादा फायदेमंद कौन सा होता है और इन्हें पहचानें कैसे। आइए जानते हैं इसके बारे में।
देसी खीरा: अक्सर माना जाता है कि देसी खीरा स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छा होता है। देसी खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में मिलते हैं। इसका स्वाद ज्यादा प्राकृतिक और हल्का मीठा होता है। इसमें केमिकल का इस्तेमाल अपेक्षाकृत कम माना जाता है।
हाइब्रिड खीरा: हाइब्रिड खीरा आकार में बड़ा और देखने में ज्यादा चमकदार होता है, लेकिन कई बार इसका स्वाद थोड़ा फीका या पानीदार लग सकता है। हालांकि पोषण के मामले में दोनों में बहुत बड़ा अंतर नहीं होता, फिर भी प्राकृतिक रूप से उगाया गया देसी खीरा बेहतर माना जाता है।
आकार से पहचान: देसी खीरा अक्सर थोड़ा टेढ़ा-मेढ़ा और छोटा होता है। हाइब्रिड खीरा आमतौर पर लंबा और एकदम सीधा होता है।
रंग और छिलका: देसी खीरे का रंग हल्का हरा और छिलका थोड़ा खुरदुरा होता है। हाइब्रिड खीरे का रंग गहरा हरा और छिलका ज्यादा चिकना होता है।
स्वाद और बीज: देसी खीरा ज्यादा कुरकुरा और हल्का मीठा होता है। हाइब्रिड खीरा कई बार हल्का कड़वा या फीका लग सकता है। देसी खीरे में छोटे और कम बीज होते हैं। हाइब्रिड खीरे में अक्सर बीज ज्यादा दिखाई देते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है
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