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पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच अमेरिका ने उठाया बड़ा कदम, दक्षिण कोरिया के साथ शुरू किया सैन्य अभ्यास

 Published : Mar 09, 2026 12:04 pm IST,  Updated : Mar 09, 2026 12:04 pm IST

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास में हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। उत्तर कोरिया की ओर से इस अभ्यास को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

America And South Korea Military Drill- India TV Hindi
America And South Korea Military Drill Image Source : AP

US South Korea Military Drill: पश्चिम एशिया में बढ़ रहे संघर्ष के बीच अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इस सैन्य अभ्यास के 'फ्रीडम शील्ड 26' नाम दिया गया है। यह अभ्यास सोमवार से शुरू होकर 19 मार्च तक चलेगा। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि इस अभ्यास में लगभग 18,000 कोरियाई सैनिक हिस्सा ले रहे हैं, जबकि अमेरिकी सेना ने अपने सैनिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया है। 

हर साल होता है अभ्यास

'फ्रीडम शील्ड 26' वार्षिक अभ्यास है। यह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच संयुक्त रक्षा क्षमता को मजबूत करने के मकसद से किया जाता है। इसमें कई तरह के ऑपरेशंस पर फोकस किया जाता है, जिसमें ग्राउंड, एयर, नेवल, स्पेस और साइबर डोमेन शामिल हैं। अभ्यास के दौरान 'वारियर शील्ड' नाम की फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज भी शामिल है, जिसमें बड़े पैमाने पर 22 लाइव ट्रेनिंग ड्रिल्स होंगी। इनमें एयर असॉल्ट, वेट गैप क्रॉसिंग, मेडिकल इवैक्यूएशन और अन्य जटिल प्रशिक्षण शामिल हैं। 

पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ जारी है US का ऑपरेशन

अमेरिका और दक्षिण को किया के बीच अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में व्यस्त है। दक्षिण कोरियाई मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका दक्षिण कोरिया से कुछ सैन्य संसाधन, जैसे पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और अन्य उपकरण, हटाकर मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, यूएस फोर्सेज कोरिया (USFK) ने सुरक्षा कारणों से ऐसी किसी विशिष्ट गतिविधि पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने भी इन रिपोर्टों पर सीधे टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे दोनों सहयोगी देशों की संयुक्त रक्षा रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दोनों पक्षों ने अभ्यास को पूरी तरह रक्षात्मक बताते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और संयुक्त तैयारियों को मजबूत करने के लिए है।

उत्तर कोरिया की तीखी प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया की ओर से इस अभ्यास पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यासों को 'आक्रमण का पूर्वाभ्यास' करार देता रहा है और इन्हें बहाना बनाकर अपने मिसाइल परीक्षण, परमाणु विकास और सैन्य प्रदर्शनों को बढ़ावा देता है। पिछले वर्षों में ऐसे अभ्यासों के बाद प्योंगयांग ने अक्सर बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च या अन्य उकसावे वाली गतिविधियां की हैं।

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