मकोय एक खरपतवार है, जो कहीं भी खेत या जंगल में आसानी से उग जाता है। मकोई का उपयोग कई बीमारियों में किया जा सकता है। लेकिन लोग मकोय के फायदों के बारे में बहुत कम जानते हैं। मकोय के फल और पत्ते दोनों फायदेमंद होते हैं। इस पर हरे रंग के छोटे बीज जैसे आते हैं जो पकने पर पीले और गहरे नारंगी हो जाते हैं। आचार्य बाल कृष्ण के अनुसार आयुर्वेद में मकोय को एक बहुत अच्छी औषधि माना गया है जो लिवर के लिए संजीवनी का काम करती है। मकोय का इस्तेमाल सांस से जुड़ी समस्याओं को दूर करने, पेशाब बढ़ाने, किडनी, सूजन, बवासीर, दस्त और बुखार में किया जाता है। आइये जानते हैं मकोय का इस्तेमाल किन बीमारियों में फायदेमंद साबित होता है?
आप मकोय के फल का रस निकालकर पी सकते हैं। एक बार में 5-10 मिलीग्राम मकोय का रस पी सकते हैं। अगर आप चूर्ण बनाकर इसका सेवन कर रहे हैं तो फल का चूर्ण 1-3 ग्राम तक कर लें। मकोय का काढ़ा 10-30 मिलीग्राम पी सकते हैं। हालांकि पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
मकोय के पत्ते लाल मिर्च के पत्तों के जैसे हरे रंग के होते हैं। पौधे पर बहुत छोटे सफेद रंग के फूल आते हैं। इसका फल दिखने में रसभरी जैसा होता है, लेकिन बहुत छोटा यानि एक मोटी के बराबर होता है। मकोय में पूरे साल फूल और फल आ सकते हैं। मकोय का फल कच्चा होने पर हरे और पकने के बाद लाल, पीला या बैंगनी काले रंग के हो जाते हैं। इसमें रस और बहुत सारे टमाटक जैसे छोटे बीज होते हैं। मकोय की तासीर गर्म होती है। जो वात, पित्त और कप त्रिदोष को दूर करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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