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दिल्ली के करीब लगे भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग; जानें कहां था केंद्र

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Mar 09, 2026 09:51 am IST,  Updated : Mar 09, 2026 10:05 am IST

राजधानी दिल्ली के पास आज सुबह-सुबह के झटके महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक हरियाणा के रेवाड़ी में भूकंप का केंद्र था।

भूकंप की वजह से घरों से निकले लोग।- India TV Hindi
भूकंप की वजह से घरों से निकले लोग। Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE

नई दिल्ली: इस वक्त की बड़ी खबर राजधानी दिल्ली से सामने आ रही है। यहां दिल्ली से थोड़ी ही दूर रेवाड़ी में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र हरियाणा के रेवाड़ी में 5 किमी की गहराई में था। सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए। वहीं रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.8 दर्ज की गई है। 

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है। भारत में हिमालय क्षेत्र और कुछ अन्य फॉल्ट लाइनों (जैसे कच्छ, पूर्वोत्तर भारत) के कारण भूकंप का खतरा अधिक है, क्योंकि भारतीय प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।

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