India TV की ओर से SHE कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय महिला टीम की स्टार क्रिकेटर श्रेयांका पाटिल ने हिस्सा लिया। उन्होंने इंडिया टीवी के सवालों के खुलकर जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने अपने क्रिकेट खेलने के जर्नी के बारे में बात की।
श्रेयांका पाटिल ने अपने क्रिकेट जर्नी को लेकर कहा कि उन्होंने बचपन में ही अपना सफर शुरू कर दिया था। श्रेयांका ने कहा कि पर्सनली, मेरे पिता और भाई क्रिकेट खेलते थे। उनका एक कैंप था। मैं वीकेंड में जाती थी। मेरे मन में कभी नहीं था कि मैं इसे प्रोफेशन के तौर पर अपनाऊंगी। मैं बस पढ़ाई से बचने के लिए जाती थी। मैं बस वहां जाती थी और मज़ करती थी और वापस आ जाती थी, क्योंकि मैं घर पर बैठकर पढ़ाई नहीं करना चाहती थी। मेरे मम्मी-पापा ने मुझे नहीं रोका। मैं बहुत शुक्रगुजार और लकी थी कि मैं वहां जाकर बस खेल पाई और मुझे क्रिकेट से प्यार हो गया। तो, इस तरह मेरी जर्नी शुरू हुई।
इस दौरान श्रेयांका पाटिल ने ये भी बताया कि एक वक्त उन्होंने चोट की वजह से क्रिकेट को छोड़ने का मन बना लिया था। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें अपने स्किल पर संदेह होने लगा था। लेकिन उन्होंने कहा कि जब भी उनके लिए कोई मुश्किल दौर आया उन्होंने सिर्फ अपने घरवालों और करीबी दोस्तों की बातें सुनी, उसके अलावा उन्होंने बाहरी लोगों की बातों पर ध्यान नहीं दिया। इंटरव्यू के दौरान अपने शांत रवैए को लेकर बात की। इसको लेकर उन्होंने कहा कि यह सब कुछ उनके अंदर उनके पापा से आया है।

इंडियन जर्सी पहनने को लेकर श्रेयांका पाटिल ने कहा कि उस मैच से पहले नेशनल एंथम हुआ। इस दौरान श्रेयांका की आंखों में आंसू थे। जब से मैंने बल्ला पकड़ना शुरू किया, मेरा बस एक ही सपना था कि मैं इंडिया के लिए क्रिकेट खेलूं। जब मैंने ऑस्ट्रेलिया में अपना डेब्यू किया। वो एहसास सबसे अलग था। मैं इसको शब्दों में बयां नहीं कर सकती हूं। यह मेरे लिए सबसे गर्व वाला क्षण था।
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