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महाराष्ट्र में 1 अगस्त से ऐप आधारित बाइक सेवाओं के लिए नए परमिट, स्थानीय युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता, जानें पूरा मामला

महाराष्ट्र में 1 अगस्त से ऐप आधारित बाइक सेवाओं के लिए नए परमिट जारी किए जाने का फैसला किया गया है। मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि इस फैसले में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

Maharashtra New permits for app-based bike services- India TV Hindi
Image Source : ANI सांकेतिक फोटो।

महाराष्ट्र में संचालित करीब साढ़े तीन लाख अनधिकृत ऐप आधारित बाइक सेवाओं को नियमित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में जानकारी दी कि 1 अगस्त से ऐप आधारित बाइक सेवाओं के लिए नए परमिट जारी किए जाएंगे। इस संबंध में प्रश्न विधायक दिलीप लांडे ने उठाया था।

क्या बोले प्रताप सरनाईक?

मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि राज्यभर में बड़ी संख्या में अनधिकृत ऐप आधारित बाइक सेवाएं संचालित हो रही हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती रही है। हालांकि, तकनीकी कारणों के चलते इन सेवाओं के ऐप पर प्रभावी कार्रवाई करना संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि पहले इन अनधिकृत बाइक सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई में यह भी चुनौती थी कि उनका ऐप पूरे देश में एक ही प्लेटफॉर्म पर संचालित होता था। इसके बावजूद सरकार कार्रवाई करती रही है।

नियमों में बदलाव किया गया

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि अब नियमों में बदलाव किया गया है। 1 अगस्त से नए परमिट जारी किए जाएंगे और स्थानीय निवास प्रमाणपत्र रखने वाले युवाओं को, आवश्यक बैज एवं अन्य निर्धारित पात्रता पूरी करने पर, परमिट दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ऐप आधारित बाइक सेवाओं को नियमन के दायरे में लाना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

मुंबई में गड्ढों पर सियासत तेज

दूसरी ओर मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों की भारी बारिश के बाद मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों की सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढे उभर आए हैं। इसे लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि ‘गड्ढामुक्त मुंबई’ के दावे पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि सड़कों पर गड्ढों के कारण आम लोगों की जान जोखिम में है, कई जगह दुर्घटनाएं हुई हैं और लोगों की मौतें भी हुई हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मानसून की तैयारियां केवल कागजों तक सीमित रहीं और भ्रष्टाचार की वजह से सड़कें पहली ही बारिश में उखड़ गईं। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अमित देशमुख तथा एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 

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