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महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों को देना होगा मराठी टेस्ट, परमिट की होगी समीक्षा, जानें पूरा मामला

 Reported By: Saket Rai, Edited By: Subhash Kumar
 Published : Apr 07, 2026 03:30 pm IST,  Updated : Apr 07, 2026 03:47 pm IST

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों को देना अब मराठी टेस्ट देना होगा। उनके परमिट की भी समीक्षा होगी। इसे लेकर मीरा-भायंदर में पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। ये अभियान पूरे राज्य में बढ़ेगा।

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सांकेतिक फोटो। Image Source : PTI

महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में ऑटो और टैक्सी के ड्राइवरों को मराठी भाषा का टेस्ट देना होगा। इसके साथ ही उनके परमिट की भी समीक्षा की जाएगी। सामने आई जानकारी के मुताबिक, मीरा-भायंदर में इसे लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। मीरा रोड और भायंदर में चल रहे 12,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड ऑटो और टैक्सी चालकों के परमिट और डोमिसाइल सर्टिफिकेट की आरटीओ द्वारा चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है। दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करने के साथ ही चालकों को मराठी भाषा की परीक्षा भी देनी होगी, ताकि उनकी भाषा पर पकड़ साबित हो सके।

क्यों लिया गया फैसला?

सोमवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि यह कार्रवाई Narendra Mehta (बीजेपी विधायक, मीरा-भायंदर) की शिकायत के बाद शुरू की गई। मेहता ने मुख्यमंत्री देनेंद्र फडणवीस के सामने लाइसेंस, बैज और परमिट जारी करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। उनका आरोप था कि मीरा-भायंदर में नए आए प्रवासियों को जल्दबाजी में परमिट दिए जा रहे हैं।

कितने ड्राइवरों पर पड़ेगा असर?

मुंबई और उपनगरों में करीब 2.8 लाख ऑटो और 20,000 टैक्सी परमिट धारक हैं, जिनके तहत लगभग 5 लाख ड्राइवर अलग-अलग शिफ्ट में काम करते हैं। पूरे एमएमआर क्षेत्र में यह संख्या करीब 4 लाख तक पहुंचती है। ट्विन सबर्ब्स में यह अभियान 1 मई, Maharashtra Day तक चलेगा, जिसके बाद आरटीओ अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के निष्कर्षों के आधार पर पूरे राज्य में इसी तरह की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

जानिए परीक्षा के बारे में

इस ड्राइव में चालकों के दस्तावेजों खासतौर पर डोमिसाइल सर्टिफिकेट (जो राज्य में 15 साल निवास के बाद मिलता है) की जांच के साथ-साथ मराठी भाषा की लिखित और बोलने की क्षमता की परीक्षा ली जाएगी। जो चालक किसी भी टेस्ट में फेल होंगे, उनके लाइसेंस और परमिट निलंबित किए जा सकते हैं।आरटीओ में चालकों को मराठी में कुछ पैराग्राफ लिखने होंगे। यह प्रावधान महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 के नियम 24 के तहत है, जिसे नवंबर 2019 में संशोधित कर सख्त बनाया गया था। पहले मराठी भाषा विशेषज्ञ का प्रमाणपत्र पर्याप्त होता था, लेकिन अब चालकों को अपनी भाषा दक्षता सीधे साबित करनी होगी।

ड्राइवरों को मराठी टेस्ट देना होगा- मंत्री

इस फैसले के बारे में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा, “एमएलए नरेंद्र मेहता की शिकायत के बाद यह ड्राइव शुरू की गई है। दस्तावेजों की जांच के साथ ड्राइवरों को मराठी टेस्ट भी देना होगा। महाराष्ट्र दिवस तक रिपोर्ट आने के बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।”

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